झांसी। आठ वर्ष पूर्व जबरन पत्नी बनकर साथ चलने से इंकार करने पर महिला की हत्या करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (आवश्यक वस्तु अधिनियम) शिव कुमार तिवारी के न्यायालय ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर कुल 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवेश श्रीवास्तव ने बताया कि रानीपुर निवासी कन्हैया लाल ने मऊरानीपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना दो सितंबर 2018 की है। कन्हैया लाल के अनुसार, उनके घर में पुत्री नीलम, पूजा और पुत्र राहुल मौजूद थे। इसी दौरान नरेश श्रीवास निवासी चौकरी, गुरसराय लोहे का गड़ासा लेकर पहुंचा और नीलम से जबरन पत्नी बनाकर साथ चलने को कहा। नीलम ने विरोध किया तो नरेश ने उस पर गड़ासे से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
बचाव के लिए पहुंचे राहुल और पूजा पर भी आरोपी ने हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। पुलिस ने धारा 302 और 307 के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में पेश किया।
साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने नरेश को धारा 302 में आजीवन कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 307 में सात वर्ष के कठोर कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त कारावास का भी प्रावधान किया गया है।
