पंजाब सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने मामले में तत्काल सुनवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों में इस मामले पर विचार किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट में सरकार की ओर से कहा गया कि पंजाब में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और चुनाव से पहले लगाए जा रहे ऐसे आरोप राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं। विकास सिंह ने कहा कि ये आरोप राज्य में अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग से संबंधित हैं और चुनाव से पहले ऐसे मामले गढ़े जा रहे हैं। सरकार ने हाईकोर्ट के सीबीआई जांच के आदेश को इसी आधार पर चुनौती दी है।
मामले की शुरुआत ईडी की गोपनीय जांच से जुड़ी है। ईडी ने अपनी जांच के दौरान आरोपों से संबंधित सामग्री जुटाई थी। इसमें अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग करवाने, सरकारी नीतियों और मंजूरियों को प्रभावित करने, निविदाओं तथा अन्य सरकारी कामों में कथित आर्थिक लेनदेन से जुड़े आरोपों का उल्लेख था। ईडी ने 30 जुलाई 2026 को यह सामग्री पंजाब के पुलिस महानिदेशक को भेजी थी और मामले में केस दर्ज करने का अनुरोध किया था। इसके बाद इस मामले को लेकर जांच और कार्रवाई का मुद्दा अदालत तक पहुंचा।
पंजाब हाईकोर्ट ने अधिवक्ता निखिल सराफ की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सीएमओ से जुड़े लोगों पर लगाए गए कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने ईडी की ओर से पंजाब डीजीपी को भेजे गए पत्रों के आधार पर सीबीआई को केस दर्ज करने के निर्देश दिए। अदालत ने संबंधित जांच एजेंसी को दो महीने के भीतर जांच रिपोर्ट दाखिल करने के लिए भी कहा था। हाईकोर्ट के इसी आदेश के खिलाफ अब पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।
मामले में सरकार का कहना है कि विधानसभा चुनाव से पहले अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग से जुड़े आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित तरीके से उठाया जा रहा है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए इस मामले पर जल्द सुनवाई की मांग की है। दूसरी ओर, हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की आवश्यकता को देखते हुए सीबीआई को जांच सौंपने का फैसला किया था। अदालत ने जांच को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के लिए दो महीने में रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश भी दिया था।
अब सुप्रीम कोर्ट में पंजाब सरकार की चुनौती पर सुनवाई के बाद मामले की आगे की दिशा तय होगी। इस मामले में ईडी की ओर से जुटाई गई सामग्री में ट्रांसफर-पोस्टिंग, सरकारी नीतियों और मंजूरियों को प्रभावित करने, निविदाओं तथा अन्य सरकारी कार्यों में कथित आर्थिक लेनदेन से जुड़े आरोप शामिल हैं। पंजाब सरकार ने इन आरोपों और जांच की प्रक्रिया को विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। हाईकोर्ट पहले ही सीबीआई को केस दर्ज कर जांच करने और निर्धारित समय में रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दे चुका है।
