पुलिस के मुताबिक, 5 अक्टूबर को सपा के सैकड़ों कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय से नारेबाजी करते हुए मंझनपुर चौराहे पहुंचे थे। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना मुख्य मार्ग पर बैठकर और खड़े होकर यातायात बाधित किया। इसके बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के सांकेतिक पुतले को आग लगा दी गई।
पुलिस ने बुझाई आग, हटाकर खुलवाया रास्ता
उप निरीक्षक अभिषेक कुमार यादव की तहरीर के आधार पर दर्ज मुकदमे में कहा गया है कि प्रदर्शन के कारण चौराहे पर यातायात प्रभावित हुआ। पुतला जलाए जाने के बाद धुआं फैलने से मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई और प्रदर्शनकारियों को हटाकर यातायात व्यवस्था सामान्य कराई।
घटना के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक की भी जानकारी सामने आई है। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने जलते हुए पुतले को अपने कब्जे में लेने का प्रयास किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
इन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई FIR
पुलिस ने सपा जिलाध्यक्ष दयाशंकर यादव, शहनवाज, चंद्रजीत यादव, राजू सिंह पटेल, भरत सिंह लोधी, आनंद मोहन पटेल, विभा यादव, सुमित पांडे और आफताब शेख को नामजद किया है। इनके अलावा अन्य अज्ञात लोगों को भी मुकदमे में आरोपी बनाया गया है। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन और पुतला दहन की घटना की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई गई थी। इन्हें जांच में साक्ष्य के तौर पर शामिल किया जा रहा है।
SIR के विरोध में प्रदर्शन कर रही सपा
समाजवादी पार्टी SIR को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही है। कौशांबी में भी इसी मुद्दे को लेकर 5 अक्टूबर को पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की गई और उनका सांकेतिक पुतला जलाया गया।
अब पुलिस दर्ज मुकदमे के आधार पर मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध वीडियो और फोटो समेत अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
