बताया गया है कि हम्मामी ने जून में ही बेन गुरियन एयरपोर्ट से जुड़ी जानकारी जुटाना शुरू कर दी थी। इसके बाद जुलाई में उसने विमान को क्रैश करने की पूरी योजना तैयार की। हालांकि, जिस विमान को वह निशाना बनाने की योजना बना रहा था, उसके क्रू में उसका एक दोस्त भी शामिल था। इसी वजह से उसने कथित तौर पर आखिरी वक्त पर अपनी योजना बदल दी और हमले को रद्द कर दिया। इस जानकारी से पता चलता है कि जुलाई में ही उसने इजरायल में विमान के जरिए हमला करने की तैयारी शुरू कर दी थी।
इसके बाद फ्लाईदुबई की इजरायल जाने वाली उड़ान को लेकर भी हम्मामी की कथित योजना सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, उसने जानबूझकर तेल अवीव जाने वाली उड़ान को चुना था। उसकी योजना कॉकपिट का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की थी। इसके बाद वह विमान को सामान्य तरीके से उड़ाता रहता और लैंडिंग के समय आखिरी पल में विमान को किसी इमारत या दूसरे विमान से टकराने की कोशिश करता। इस तरह विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की योजना बनाई गई थी।
उड़ान के दौरान हम्मामी ने को-पायलट स्मित मछार पर हमला किया और विमान में आपात स्थिति के लिए रखी गई कुल्हाड़ी से उन पर वार किया। इसके बाद विमान के कैप्टन कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। विमान में मौजूद कई यात्रियों ने हम्मामी को काबू में कर लिया। इसके बाद विमान में मौजूद ड्यूटी से बाहर के पायलटों ने विमान का नियंत्रण संभाला और उसे सुरक्षित रूप से उतार लिया। इस घटना के बाद हम्मामी से पूछताछ की जा रही है और उसके पहले से तैयार किए गए कथित हमले के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच से जुड़ी जानकारी के अनुसार, इजरायली जांचकर्ताओं ने अब तक हम्मामी से सीधे पूछताछ नहीं की है। उसके बारे में सामने आई जानकारी संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब में हुई जांच के दौरान सामने आने की बात कही गई है। मामले में अब यह भी जांच की जा रही है कि हम्मामी ने इजरायल जाने वाली उड़ान को क्यों चुना और उसके हमले की योजना कितनी पहले से तैयार थी। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात में उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। उसे मौत की सजा दिए जाने की संभावना की बात सामने आई है, लेकिन अभी तक उसके खिलाफ कोई औपचारिक सजा सुनाई नहीं गई है। मामले की जांच जारी है।
