देवरा में जाह्नवी कपूर और जूनियर एनटीआर की जोड़ी को दर्शकों ने काफी पसंद किया था। फिल्म का चुट्टामल्ले गाना भी काफी लोकप्रिय हुआ था। इसी गाने से जुड़े एक AI से तैयार किए गए वीडियो में दोनों कलाकारों को गलत तरीके से दिखाया गया। वीडियो के वायरल होने के बाद जूनियर एनटीआर ने इस तरह की हरकत पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि वह इस मामले में उचित कानूनी कार्रवाई की कोशिश करेंगे। इसके बाद इंडस्ट्री के कई कलाकारों ने भी डीपफेक और महिलाओं को गलत तरीके से पेश करने के खिलाफ आवाज उठाई।
जाह्नवी ने अपने बयान में AI तकनीक के दुरुपयोग को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि किसी महिला को उसकी अनुमति के बिना गलत तरीके से दिखाना या उसका फर्जी यौन कंटेंट तैयार करना उसकी सहमति और सम्मान का उल्लंघन है। अभिनेत्री ने इस पूरे मामले को केवल एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं माना बल्कि इसे महिलाओं के सामने मौजूद बड़ी सामाजिक समस्या से जोड़कर देखा।
अभिनेत्री ने कंसेंट यानी सहमति को लेकर भी अपनी बात स्पष्ट की। उनका कहना है कि अगर कोई महिला किसी एक चीज के लिए अपनी सहमति देती है तो इसका अर्थ यह नहीं होता कि वह हर चीज के लिए सहमत है। किसी महिला का पहनावा भी किसी दूसरे व्यक्ति को उसकी तस्वीर लेने या उसके शरीर को अपनी मर्जी से देखने का अधिकार नहीं देता। जाह्नवी ने कहा कि महिला जहां सहज महसूस करती है और जहां अपनी सीमा तय करती है उस पर फैसला लेने का अधिकार उसी का होना चाहिए।
अभिनेत्री ने यह भी कहा कि महिलाओं को परेशान करना उनका पीछा करना या उन्हें केवल एक वस्तु की तरह देखना कभी सही नहीं हो सकता। उन्होंने इस सोच में बदलाव की जरूरत बताई और कहा कि गलत व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाना सभी की जिम्मेदारी है। जाह्नवी ने जूनियर एनटीआर को भी धन्यवाद दिया जिन्होंने इस मामले में मजबूती से अपनी आवाज उठाई।
इसके साथ ही उन्होंने चिरंजीवी विजय देवरकोंडा और कृति सेनन समेत उन सितारों का भी आभार जताया जिन्होंने इस तरह के व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाई। जाह्नवी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब AI तकनीक से तैयार किए जाने वाले डीपफेक कंटेंट को लेकर फिल्म इंडस्ट्री में चिंता बढ़ रही है। उनका कहना है कि महिलाओं की सहमति सम्मान और व्यक्तिगत सीमाओं को किसी भी तकनीक या मनोरंजन से ऊपर रखा जाना जरूरी है।
