नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 (2026 Asian Games) का रविवार (4 अक्टूबर) को समापान हो गया. क्लोजिंग सेरेमनी (Closing Ceremony) में भारत (India) की ओर से शूटिंग (Shooting) में दो गोल्ड समेत तीन मेडल जीतने वालीं नीरू ढांडा (Neeru Dhanda) ध्वजवाहक रहीं. नागोया के मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में हुई एशियन गेम्स 2026 की क्लोजिंग सेरेमनी का आगाज जापान के नेशनल एंथम के साथ हुआ. इसके बाद खिलाड़ियों की परेड शुरू हुई, जिसमें हर देश का प्रतिनिधित्व उनके ध्वजवाहक ने किया. भारतीय तिरंगे को शान से नीरू ढांडा ने लहराया. ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (ओसीए) का झंडा कतर को सौंपा गया, जो एशियन गेम्स के 21वें संस्करण की मेजबानी करेगा।
भारत का प्रदर्शन एशियन गेम्स 2026 में शानदार रहा. देश ने कुल 85 मेडल जीते, जिसमें 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे. भारत ने एशियन गेम्स का अंत अंक तालिका में चौथे स्थान पर रहते हुए किया. पहले स्थान पर चीन का कब्जा रहा, जिन्होंने कुल 341 मेडल अपने नाम किए। इसमें 169 गोल्ड, 89 सिल्वर और 83 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे. मेजबान जापान कुल 269 मेडल के साथ दूसरे स्थान पर रहा. जापान ने 83 गोल्ड, 95 सिल्वर और 91 ब्रॉन्ज मेडल जीते. साउथ कोरिया ने 150 मेडल जीते, जिसमें 39 गोल्ड, 43 सिल्वर और 68 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे. भारत 85 मेडल के साथ चौथे स्थान पर रहा. वहीं, उज्बेकिस्तान 70 मेडल लेकर अंक तालिका में पांचवें नंबर पर रहा।
आर्चरी में मिले 5 गोल्ड?
भारत ने आर्चरी में शानदार पांच गोल्ड मेडल मिले. बॉक्सिंग में तीन और रेसलिंग में दो गोल्ड मेडल जीते गए. हॉकी और कबड्डी में टीम की जीत का वही पुराना जोश देखने को मिला, जिसमें पुरुषों और महिलाओं, दोनों टीमों ने गोल्ड मेडल जीते. भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीम दोनों ने ही बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया. एथलेटिक्स में भी रोमांच देखने को मिला, जहां भारत के धावकों और फील्ड एथलीट्स ने दबाव और मौसम की चुनौतियों का सामना करते हुए कीमती मेडल जीते.
गोल्फ में प्रणवी ने रचा इतिहास
गोल्फ में भी इतिहास रचा गया, जब प्रणवी उर्स ने इस खेल में भारत के लिए महिलाओं का पहला व्यक्तिगत एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल जीता. शूटिंग भारत के लिए मेडल दिलाने वाले सबसे मजबूत खेलों में से एक रही, जबकि वेटलिफ्टिंग, बैडमिंटन, स्क्वैश, रोइंग, टेबल टेनिस, सेलिंग, वुशु, कुराश, एमएमए, सॉफ्ट टेनिस और दूसरे खेलों ने भी कुल मेडल की संख्या बढ़ाने में योगदान दिया।
