Meta अपने यूजर्स को ऐसी गतिविधियों को देखने और उन्हें मैनेज करने के लिए एक विकल्प देता है। इसके जरिए यह पता लगाया जा सकता है कि किन कंपनियों या वेबसाइट्स से जुड़ी एक्टिविटी Meta के साथ शेयर हुई है। इसके लिए Facebook या Instagram में Account Center के जरिए Your activity off Meta technologies विकल्प तक पहुंचा जा सकता है। यहां यूजर अपनी ऑफ Meta एक्टिविटी से जुड़ी जानकारी देख सकता है और उपलब्ध सेटिंग्स के आधार पर इसे मैनेज कर सकता है।
Facebook में यह विकल्प Settings & Privacy के जरिए सेटिंग्स में जाकर Account Center के अंदर मिलता है। वहीं Instagram यूजर्स भी Account Center से इसी तरह के विकल्प तक पहुंच सकते हैं। इस सेक्शन में यूजर को उन कंपनियों या सेवाओं की जानकारी दिखाई जा सकती है जिन्होंने उसकी गतिविधि Meta के साथ शेयर की है। इससे यूजर को यह समझने में मदद मिलती है कि Facebook और Instagram के बाहर की ऑनलाइन गतिविधियां किस तरह Meta के सिस्टम तक पहुंच सकती हैं।
अगर किसी खास कंपनी या वेबसाइट की गतिविधि को हटाना चाहते हैं तो Recent activity में उपलब्ध विकल्पों का इस्तेमाल किया जा सकता है। यूजर किसी विशेष अकाउंट या कंपनी की गतिविधि को Facebook से Disconnect कर सकता है। अगर कई स्रोतों की गतिविधि हटानी हो तो Disconnect specific activity का विकल्प इस्तेमाल किया जा सकता है। पुरानी गतिविधियों को हटाने के लिए Clear previous activity का विकल्प भी उपलब्ध होता है।
आगे की गतिविधि को मैनेज करने के लिए Manage future activity में जाकर उपलब्ध नियंत्रणों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे यूजर यह तय करने से जुड़े विकल्प देख सकता है कि भविष्य में इस तरह की गतिविधि Meta के साथ किस तरह जुड़ी रहेगी। हालांकि किसी भी सेटिंग को बदलने से पहले उसके प्रभाव को समझना जरूरी है क्योंकि कुछ बदलावों का असर आपके अनुभव या लॉगिन से जुड़ी सुविधाओं पर पड़ सकता है।
Privacy Checkup भी Facebook पर उपलब्ध एक उपयोगी विकल्प है। इसके जरिए यूजर अपनी प्रोफाइल से जुड़ी जानकारी की प्राइवेसी सेटिंग्स की समीक्षा कर सकता है। इसमें फोन नंबर ईमेल और जन्मतिथि जैसी जानकारी को कौन देख सकता है इसे नियंत्रित करने के विकल्प मिल सकते हैं। इसके अलावा Apps and websites सेक्शन के जरिए उन सेवाओं की समीक्षा की जा सकती है जहां Facebook अकाउंट से साइन इन किया गया है।
ऑनलाइन प्राइवेसी को बेहतर बनाए रखने के लिए समय समय पर इन सेटिंग्स की समीक्षा करना उपयोगी हो सकता है। किसी वेबसाइट या ऐप को अनुमति देने से पहले यह देखना चाहिए कि वह किस तरह की जानकारी मांग रही है और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से हो सकता है। इसी तरह अनजान ऐप्स को अकाउंट से जुड़े एक्सेस देने से बचना और जरूरत नहीं होने पर पुराने कनेक्शन हटाना भी डिजिटल प्राइवेसी मैनेज करने का हिस्सा है। इस तरह कुछ आसान सेटिंग्स की मदद से यूजर अपनी ऑनलाइन एक्टिविटी और उससे जुड़े डेटा पर उपलब्ध नियंत्रणों को बेहतर तरीके से समझ और मैनेज कर सकता है।
