सितंबर के दौरान घरेलू आर्थिक गतिविधियों से होने वाले जीएसटी कलेक्शन में भी अच्छी वृद्धि दर्ज की गई। घरेलू स्तर पर प्राप्त जीएसटी राजस्व 10.1 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1.38 लाख करोड़ रुपये रहा। इसके साथ ही आयात से मिलने वाले राजस्व में इससे भी अधिक तेजी देखी गई। आयात से प्राप्त जीएसटी राजस्व 26 प्रतिशत बढ़कर 65,525 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस तरह सितंबर में कुल जीएसटी कलेक्शन बढ़ाने में घरेलू गतिविधियों के साथ आयात से प्राप्त राजस्व की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सितंबर के आंकड़ों के साथ चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही का प्रदर्शन भी सामने आया है। अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच कुल जीएसटी कलेक्शन 12,46,278 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। यह पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में दर्ज संग्रह से 11.6 प्रतिशत अधिक है। छह महीने के संचयी आंकड़ों में दर्ज यह वृद्धि कर संग्रह में लगातार बने सुधार को दर्शाती है। सितंबर में दर्ज 2.03 लाख करोड़ रुपये से अधिक का मासिक कलेक्शन भी इस अवधि के दौरान कर संग्रह में आई तेजी को रेखांकित करता है।
त्योहारी सीजन से ठीक पहले जीएसटी कलेक्शन में यह वृद्धि कारोबारी और घरेलू आर्थिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बेहतर कर अनुपालन और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी ने संग्रह बढ़ाने में योगदान दिया है। सितंबर में घरेलू गतिविधियों से प्राप्त राजस्व में 10.1 प्रतिशत और आयात से मिलने वाले राजस्व में 26 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। इससे संकेत मिलता है कि कर संग्रह में बढ़ोतरी केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रही, बल्कि घरेलू आर्थिक गतिविधियों और आयात दोनों से राजस्व में वृद्धि हुई है।
चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 12,46,278 करोड़ रुपये का कुल जीएसटी कलेक्शन और सितंबर में 2,03,521 करोड़ रुपये का मासिक संग्रह सरकार के राजस्व आंकड़ों में दर्ज महत्वपूर्ण बढ़ोतरी को दिखाता है। त्योहारी खरीदारी का दौर शुरू होने से पहले आए इन आंकड़ों में बाजार की गतिविधियों और कर संग्रह में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सितंबर के दौरान कुल संग्रह में 14.7 प्रतिशत की वृद्धि और अप्रैल से सितंबर की अवधि में 11.6 प्रतिशत की संचयी बढ़त रही। इससे चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में जीएसटी राजस्व संग्रह की स्थिति मजबूत बनी हुई है।
