लर्निंग बाय डूइंग के तहत विद्यार्थियों को विषयवस्तु को केवल पढ़ने के बजाय गतिविधियों, प्रयोगों और प्रत्यक्ष अनुभवों के जरिए समझने का अवसर मिलेगा। विद्यालयों को उपलब्ध कराई जाने वाली कंज्यूमेबल्स और रॉ मैटेरियल सामग्री का इस्तेमाल गतिविधि आधारित शिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए किया जाएगा। इसके माध्यम से बच्चे सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बन सकेंगे। कक्षा में विषयों को देखकर, प्रयोग करके और गतिविधियों में शामिल होकर समझने से पुस्तकीय ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने में मदद मिलेगी। इस पहल का उद्देश्य सीखने की प्रक्रिया को अधिक सक्रिय, अनुभवपूर्ण, सहज और रोचक बनाना है।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि लर्निंग बाय डूइंग के माध्यम से बच्चों को प्रयोग और अनुभव से सीखने के अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि प्रयास यह है कि सीखने की प्रक्रिया रोचक, सहभागितापूर्ण और बच्चों की जिज्ञासा के अनुरूप बने। इस व्यवस्था के तहत विद्यालयों में उपलब्ध कराई जाने वाली सामग्री का उपयोग निर्धारित गतिविधियों के संचालन के लिए किया जाएगा, ताकि विद्यार्थी विषयवस्तु को केवल पढ़ने तक सीमित न रहें और गतिविधियों तथा प्रयोगों के माध्यम से उसे समझने का अवसर प्राप्त कर सकें।
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी के निर्देशानुसार चयनित 586 विद्यालयों में लर्निंग बाय डूइंग के लिए आवश्यक कंज्यूमेबल्स और रॉ मैटेरियल की खरीद की जाएगी। इसके लिए कुल 2,34,40,000 रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक चयनित विद्यालय के लिए 40 हजार रुपये की सीमा के तहत गतिविधियों के संचालन के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इस सामग्री के माध्यम से विद्यालयों में गतिविधि आधारित शिक्षण को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर रहेगा।
विद्यालयों को उपलब्ध कराई जाने वाली सामग्री का उचित और उद्देश्यपरक उपयोग सुनिश्चित करने के साथ गतिविधियों के संचालन और उनके अभिलेखीकरण का अनुश्रवण भी किया जाएगा। पूर्व में संचालित लर्निंग बाय डूइंग गतिविधियों के अनुभवों को आगे की गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है। इस पहल के तहत विद्यार्थियों को विषयवस्तु को देखकर, प्रयोग करके और गतिविधियों में भाग लेकर समझने के अवसर मिलेंगे। इससे कक्षा-कक्ष में सीखने की प्रक्रिया को अनुभव से जोड़ने और बच्चों की सहभागिता बढ़ाने के लिए उपलब्ध संसाधनों का उद्देश्यपरक इस्तेमाल सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया जाएगा।
