रेलवे की निर्धारित दरों के अनुसार भोपाल स्टेशन पर यूरिनल की सुविधा नि:शुल्क बताई गई है। वहीं टॉयलेट के लिए 2 रुपए और टॉयलेट के साथ स्नान की सुविधा के लिए 5 रुपए शुल्क निर्धारित है। सामने आए वीडियो में एक यात्री काउंटर पर मौजूद कर्मचारी से शुल्क के बारे में पूछता नजर आता है। यात्री बोर्ड पर फ्री लिखा होने की बात कहता है और इसके बावजूद पैसे मांगे जाने पर सवाल करता है। वीडियो में कर्मचारी की ओर से रकम लेने की स्थिति दिखाई देती है।
यात्री संतोष यादव ने आरोप लगाया कि वह स्टेशन के टॉयलेट का इस्तेमाल करने गए थे। वहां निर्धारित शुल्क 2 रुपए लिखा होने के बावजूद उनसे 10 रुपए मांगे गए और उन्होंने 10 रुपए दिए। इसी तरह यात्री गगन गौर ने दावा किया कि दो लोग टॉयलेट और स्नान के लिए गए थे और उनसे कुल 40 रुपए लिए गए। हालांकि इन यात्रियों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि स्टेशन प्रबंधन के रिकॉर्ड और संबंधित एजेंसी के जवाब से होना बाकी है।
मामले का एक अहम पहलू यह भी है कि आरोप उस समय सामने आए जब स्टेशन परिसर में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इससे पे एंड यूज सुविधा की निगरानी और निर्धारित दरों के पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि अगर शुल्क तय है तो काउंटर पर उसी के अनुसार राशि ली जानी चाहिए और फ्री सुविधा के लिए किसी यात्री से पैसे नहीं मांगे जाने चाहिए।
इस मामले में DRM पंकज त्यागी से भी पक्ष जानने की कोशिश की गई। उनसे फ्री यूरिनल के लिए पैसे मांगे जाने और निर्धारित शुल्क से अधिक रकम लेने की शिकायतों को लेकर सवाल किया गया लेकिन खबर लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई जवाब सामने नहीं आया था। ऐसे में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि रेलवे प्रशासन वीडियो और यात्रियों की शिकायतों के आधार पर क्या कार्रवाई करता है।
मामला सिर्फ भोपाल रेलवे स्टेशन तक सीमित नहीं है। सामने आई जानकारी के अनुसार रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों को यूरिनल के लिए शुल्क देना पड़ रहा है। वहां पे एंड यूज व्यवस्था के तहत यूरिनल के लिए 5 रुपए टॉयलेट के लिए 10 रुपए और स्नान के लिए 15 रुपए लिए जाने की बात सामने आई है। यह व्यवस्था भोपाल स्टेशन पर बताई गई निर्धारित दरों से अलग है।
भोपाल रेलवे स्टेशन पर रोजाना बड़ी संख्या में यात्री पहुंचते हैं और टॉयलेट जैसी बुनियादी सुविधा का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में शुल्क को लेकर स्पष्ट जानकारी और निर्धारित दरों का पालन यात्रियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। फिलहाल भोपाल स्टेशन पर सामने आए वीडियो और यात्रियों के आरोपों के बाद निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। अब रेलवे प्रशासन की जांच और आधिकारिक जवाब से ही स्पष्ट होगा कि वास्तव में निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली हुई थी या नहीं और यदि ऐसा हुआ तो जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई की जाएगी।
