चतुर्थी श्राद्ध करने वालों के लिए आज कुतुप मुहूर्त सुबह 11:47 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक रहेगा। इसके बाद रौहिण मुहूर्त दोपहर 12:35 बजे से 1:22 बजे तक बताया गया है। इन समयों में पितरों का श्राद्ध और तर्पण किया जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितृ पक्ष में विधि विधान से श्राद्ध और तर्पण करने से पितरों के प्रति श्रद्धा अर्पित की जाती है। वहीं आज भरणी नक्षत्र सुबह 7:36 बजे तक रहेगा जिसके बाद कृत्तिका नक्षत्र शुरू होगा और यह 1 अक्टूबर सुबह 6:02 बजे तक रहेगा। इसके बाद रोहिणी नक्षत्र लगेगा।
आज वज्र योग रात 12:20 बजे तक रहेगा जिसके बाद सिद्धि योग शुरू होगा। वहीं सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 7:36 बजे से 1 अक्टूबर सुबह 6:14 बजे तक रहेगा। इस योग को लेकर धार्मिक मान्यता है कि इसमें किए गए शुभ कार्यों के सफल होने की संभावना रहती है। आज चंद्रमा मेष राशि में दोपहर 1:13 बजे तक रहेगा और इसके बाद वृषभ राशि में प्रवेश करेगा। बुधवार का दिन भगवान गणेश की पूजा के लिए विशेष माना जाता है इसलिए व्रत रखने वाले श्रद्धालु आज गणेश जी की विधिपूर्वक पूजा कर सकते हैं।
आज सूर्योदय सुबह 6:13 बजे और सूर्यास्त शाम 6:08 बजे होगा। चंद्रोदय रात 8:30 बजे और चंद्रास्त अगले दिन सुबह 9:48 बजे बताया गया है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:37 बजे से 5:25 बजे तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2:10 बजे से 2:58 बजे तक रहेगा जबकि निशिता मुहूर्त रात 11:47 बजे से 1 अक्टूबर रात 12:35 बजे तक रहेगा। दिन के चौघड़िया में लाभ उन्नति का समय सुबह 6:13 से 7:43 बजे तक अमृत सर्वोत्तम 7:43 से 9:12 बजे तक और शुभ उत्तम 10:42 बजे से 12:11 बजे तक रहेगा।
वहीं आज राहुकाल दोपहर 12:11 बजे से 1:40 बजे तक रहेगा। यमगंड सुबह 7:43 से 9:12 बजे तक और गुलिक काल सुबह 10:42 से दोपहर 12:11 बजे तक रहेगा। पंचांग में आज उत्तर दिशा का दिशाशूल बताया गया है इसलिए इस दिशा में यात्रा करने वालों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। धार्मिक कार्यों और महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए शुभ अशुभ समय का ध्यान रखने की परंपरा है। स्थानीय सूर्योदय और पंचांग गणना के अनुसार समय में थोड़ा अंतर संभव है इसलिए किसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान के लिए स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि करना उचित रहेगा।
