इन स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की खास बात यह होगी कि एक ही परिसर में कई खेलों के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां बैडमिंटन एथलेटिक्स ट्रैक मार्शल आर्ट टेबल टेनिस खो खो कबड्डी वॉलीबॉल और फुटबॉल जैसे खेलों के लिए मैदान और आवश्यक व्यवस्थाएं तैयार की जाएंगी। इससे बच्चों और युवाओं को अपने विधानसभा क्षेत्र में ही नियमित अभ्यास और प्रशिक्षण का अवसर मिल सकेगा। अभी कई खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाओं के लिए जिला मुख्यालय या बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। विधानसभा स्तर पर आधुनिक खेल परिसरों के विकसित होने से स्थानीय खिलाड़ियों को अपने आसपास ही अभ्यास का बेहतर माहौल मिलने की उम्मीद है।
परिसर में सिर्फ खेल मैदान ही नहीं बल्कि खिलाड़ियों की जरूरत से जुड़ी दूसरी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। एडमिन ब्लॉक फिटनेस सेंटर उपकरण कक्ष चेंजिंग रूम इलेक्ट्रिकल रूम और फायर सेफ्टी सिस्टम जैसी व्यवस्थाएं परिसर का हिस्सा होंगी। दिव्यांग खिलाड़ियों और अन्य दिव्यांगजनों के लिए उनकी जरूरत के अनुसार विशेष सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसका उद्देश्य खेल परिसर को अधिक सुविधाजनक और सभी के लिए उपयोगी बनाना है।
मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत खिलाड़ियों को बेहतर मैदान प्रशिक्षण उपकरण और सही मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की है। विधानसभा स्तर पर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनने से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के युवाओं को खेलों के लिए बेहतर मंच मिल सकेगा। स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले खिलाड़ी आगे चलकर जिला संभाग राज्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं तक पहुंच सकेंगे।
इन परिसरों में हेलीपैड का प्रावधान भी महत्वपूर्ण है। सामान्य परिस्थितियों में इसका उपयोग खेल परिसर का हिस्सा रहते हुए किया जा सकता है जबकि आवश्यकता पड़ने पर आपातकालीन सेवाओं और त्वरित राहत कार्यों में इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा। सरकार की कोशिश है कि ये परिसर केवल भवन और मैदान बनकर न रह जाएं बल्कि उनका नियमित और प्रभावी उपयोग हो। अधिकारियों को इसी उद्देश्य के साथ निर्माण की गुणवत्ता के साथ सुविधाओं की उपयोगिता और संचालन पर भी ध्यान देने को कहा गया है। यदि योजना के अनुसार इन परिसरों का प्रभावी संचालन होता है तो आने वाले समय में प्रदेश के युवाओं को स्थानीय स्तर पर खेल अभ्यास और प्रशिक्षण के लिए एक नया मंच मिल सकता है।
