राकेश अग्रवाल 1982 बैच के IAS अधिकारी थे और सेवानिवृत्ति के बाद अपनी पत्नी के साथ सूरजनगर स्थित मकान में रह रहे थे। बुधवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे उनकी पत्नी की नींद खुली। वह रोजाना की तरह मॉर्निंग वॉक के लिए जाने की तैयारी कर रही थीं लेकिन जब उन्होंने मुख्य दरवाजा खोलने की कोशिश की तो वह बाहर से बंद मिला। इसके बाद उन्होंने दूसरे नौकर राजन थापा को फोन किया। स्थिति असामान्य लगने पर वह घर के अंदर राकेश अग्रवाल के कमरे की ओर गईं। कमरे का दरवाजा खोलने पर जमीन पर राकेश अग्रवाल का शव पड़ा मिला। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
रातीबड़ पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। शुरुआती जांच में राकेश अग्रवाल के गले पर धारदार हथियार से चोट के निशान मिले हैं जिससे हत्या की आशंका मजबूत हुई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात किस समय हुई और घर में उस दौरान कौन कौन मौजूद था। जांच में केयरटेकर वरुण कुमार का लापता होना भी महत्वपूर्ण बिंदु माना जा रहा है। पुलिस के मुताबिक उसका सामान भी घर में नहीं मिला है। इससे पुलिस की जांच का एक प्रमुख फोकस उसकी तलाश और घटना से उसके संभावित संबंध पर है।
मामले में एक और गंभीर पहलू सामने आया है। पुलिस को घर के अंदर आग लगाने की कोशिश के संकेत मिले हैं। किचन में LPG सिलेंडर का पाइप निकला हुआ मिला और पूरे घर में गैस फैल गई थी। ऐसे में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या हत्या के बाद घर में आग लगाकर घटना के निशान मिटाने का प्रयास किया गया था। हालांकि इस संबंध में जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
घटना के बाद पुलिस ने घर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है और किसी भी व्यक्ति के मकान के अंदर जाने पर रोक लगा दी गई है। पुलिस घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटा रही है। साथ ही घर में काम करने वाले अन्य लोगों से भी जानकारी ली जा रही है। राकेश अग्रवाल की हत्या के बाद इलाके में भी लोगों के बीच चर्चा का माहौल है। फिलहाल पुलिस की जांच के केंद्र में लापता केयरटेकर वरुण कुमार है और उसकी तलाश के बाद मामले की कई अहम कड़ियां सामने आने की उम्मीद है।
