सोसिएते डी’एक्सप्लॉयटेशन डे ला टूर एफिल (SETE) ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि इन खामियों के चलते 5 सितंबर को महिला कर्मचारियों को दौरे से दूर रखा गया था। कंपनी ने इसे अस्वीकार्य बताया है। रुइवो को 2018 के आखिर में SETE का डायरेक्टर जनरल नियुक्त किया गया था।
महिला कर्मचारियों को BAPS प्रतिनिधिमंडल से दूर रखने पर विवाद
330 मीटर यानी 1,083 फुट ऊंचे एफिल टावर में 5 सितंबर को BAPS के प्रतिनिधिमंडल का दौरा हुआ था। इस दौरान प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों को कथित तौर पर निर्देश दिया गया कि महिला कर्मचारी BAPS प्रतिनिधिमंडल से दूर रहें।
इस फैसले के बाद टावर के कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई। कर्मचारियों ने 7 सितंबर को हड़ताल कर दी। इसके चलते एफिल टावर पर्यटकों के लिए बंद रहा। कर्मचारी प्रबंधन के उस निर्देश का विरोध कर रहे थे, जिसके तहत महिला कर्मचारियों को दौरे से अलग रखने की बात कही गई थी।
हर साल करीब 70 लाख पर्यटकों को आकर्षित करने वाला एफिल टावर इस विवाद के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में आ गया।
BAPS ने सफाई में क्या कहा था?
BAPS यानी ‘बोचासनवासी श्री अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था’ स्वामीनारायण संप्रदाय से जुड़ा एक वैश्विक धार्मिक और नागरिक संगठन है। यह हिंदू धर्म की एक शाखा से संबंधित है।
घटना के समय BAPS की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि महिला कर्मचारियों को दूर रखने का उद्देश्य किसी के लिंग के आधार पर कोई मांग करना नहीं था। संगठन के मुताबिक, ऐसा इसलिए किया गया था ताकि एफिल टावर के कर्मचारियों या आम जनता को असुविधा पहुंचाए बिना बड़े समूह का दौरा सुचारू रूप से कराया जा सके।
पेरिस में हिंदू मंदिर के उद्घाटन से जुड़ा था कार्यक्रम
BAPS का प्रतिनिधिमंडल पेरिस में एक पारंपरिक हिंदू पत्थर के मंदिर के उद्घाटन से जुड़े कार्यक्रम के लिए पहुंचा था। इसी दौरान एफिल टावर का दौरा आयोजित किया गया था।
बाद में महिला कर्मचारियों को दौरे से दूर रखने के निर्देश की जानकारी सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया। कर्मचारियों की हड़ताल और प्रबंधन के खिलाफ विरोध के बाद मामले की जांच कराई गई।
जांच में 5 सितंबर की घटना से जुड़ी कई व्यवस्थागत और कामकाज संबंधी खामियां सामने आईं। SETE के मंगलवार के बयान के अनुसार, इन्हीं खामियों के कारण महिला कर्मचारियों को दौरे से अलग किया गया था। कंपनी ने इस व्यवस्था को स्वीकार नहीं किए जाने योग्य बताया है। इसी घटनाक्रम के बाद SETE के डायरेक्टर जनरल पैट्रिक ब्रैंको रुइवो ने साल के अंत तक पद छोड़ने का फैसला किया है।
