कैबिनेट ने प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए चार बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी। दतिया की मां रतनगढ़ सिंचाई परियोजना के लिए 1,608 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके माध्यम से 78,484 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना को वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। रामपुरा-मनासा सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना के लिए 524 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इससे 65,400 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विकसित की जाएगी। सागर सिंचाई परियोजना के लिए 1,052 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं, जिसके माध्यम से 80,000 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। उज्जैन की खान डायवर्सन योजना के तहत क्षिप्रा नदी को प्रदूषण मुक्त करने के उद्देश्य से 30 किलोमीटर लंबी टनल का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना का 51 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इसके अलावा दमोह-कटनी 105 किलोमीटर लंबे विंध्य विकास पथ के लिए 4,470 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
स्वास्थ्य और न्यायिक सुविधाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसले लिए। मेडिकल कॉलेजों से जुड़े प्रस्तावों में सिंगरौली मेडिकल कॉलेज में 150 एमबीबीएस सीटों के लिए 372 करोड़ रुपये के पुनरीक्षित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज की लागत 768 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 953 करोड़ रुपये करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इसके साथ ही कोर्ट भवनों के निर्माण के लिए 651 करोड़ रुपये और स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 3,113 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। इन निर्णयों के माध्यम से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं और न्यायिक सुविधाओं से जुड़े बुनियादी ढांचे के विस्तार का रास्ता तैयार किया गया है। सिंचाई परियोजनाओं से किसानों को लाभ पहुंचाने और कृषि क्षेत्र में पानी की उपलब्धता बढ़ाने का लक्ष्य भी रखा गया है।
शिक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़े प्रस्तावों में शासकीय स्कूलों के कक्षा 1 से 8 तक के 58 लाख विद्यार्थियों को गणवेश के लिए प्रति विद्यार्थी 600 रुपये देने का फैसला किया गया। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के माध्यम से विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना के तहत राज्य सरकार कुल 348 करोड़ रुपये प्रदान करेगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने विशेष अभियान चलाकर वर्षों से लंबित 900 से अधिक पदों पर अनुकंपा नियुक्तियां भी की हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लंबित अनुकंपा नियुक्तियों के संबंध में अन्य विभागों को भी आवश्यक निर्देश दिए हैं। इसके अलावा विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध घुमंतू वर्गों के छात्रावासों, कल्याण आश्रमों और संबंधित संस्थानों को अब एक रुपये प्रति किलो की दर से अनाज उपलब्ध कराया जाएगा। पहले इन संस्थानों को 12 किलो अनाज पांच रुपये प्रति किलो की दर से दिया जाता था, जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य वर्गों के छात्रावासों को एक रुपये प्रति किलो की दर से अनाज मिलता था।
बैठक में पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत के विकास पर भी चर्चा हुई। मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में भारत के 78 स्थलों में मध्य प्रदेश के 19 स्थल शामिल हैं। इनमें बाग गुफाओं की चित्रकारी, गिन्नौरगढ़ किला, चंबल घाटी के मंदिर समूह और उदयगिरि की गुफाएं शामिल हैं। प्रदेश में पर्यटन सुविधाओं और टाइगर रिजर्व तथा वन्यजीव अभयारण्यों के विकास पर लगातार काम किया जा रहा है। पर्यटन को रोजगार और स्थानीय विकास के अवसरों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने हिंदी फिल्मों के अभिनेता मुश्ताक खान को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने लगभग 500 फिल्मों में अभिनय किया था। उनका जन्म, बचपन और शिक्षा-दीक्षा बालाघाट में हुई थी। बैठक में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का भी उल्लेख किया गया, जिसका शुभारंभ 25 सितंबर को भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया था। इसी अवसर पर भोपाल का लंबित मास्टर प्लान जारी किया गया और जनता से सुझाव मांगे गए।
