बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में 29 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नवनियुक्त प्रभारी तथा सह-प्रभारी शामिल हुए। बैठक के दौरान पार्टी अध्यक्ष ने उपस्थित सभी पदाधिकारियों को संबोधित किया और संगठन की ओर से सौंपी गई जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि पदाधिकारियों को अपने कार्यक्षेत्र में संगठन को मजबूत करने और निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए। बैठक में दिल्ली आने-जाने को लेकर दिए गए उनके संदेश को संगठनात्मक अनुशासन और जिम्मेदारियों के निर्वहन से जोड़कर देखा गया।
बैठक के दौरान नितिन नवीन ने पदाधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि दिल्ली की परिक्रमा मत करना। उन्होंने कहा कि कई पदाधिकारियों के दिल्ली दरबार में जरूरत से ज्यादा चक्कर लगाने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों को अपने-अपने राज्यों तथा निर्धारित क्षेत्रों में रहकर संगठनात्मक कामकाज पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। पार्टी अध्यक्ष ने बैठक में शामिल पदाधिकारियों को यह संदेश दिया कि संगठन में मिली जिम्मेदारी को निभाना उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए। उनके संबोधन में बार-बार दिल्ली आने के बजाय अपने कार्यक्षेत्र में सक्रिय रहकर संगठन के काम को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
बीजेपी की इस उच्चस्तरीय बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत बनाने और आने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर मंथन हुआ। बैठक में प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों की भूमिका तथा उनके माध्यम से राज्यों में संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी की रणनीति और संगठन के स्तर पर किए जाने वाले कार्यों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में मौजूद सभी पदाधिकारियों को संगठनात्मक विषयों और आगामी कार्यक्रमों के संबंध में दिशा-निर्देश दिए गए।
नितिन नवीन ने बैठक के दौरान पदाधिकारियों को दोटूक संदेश देते हुए संगठन की जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देने और दिल्ली के अनावश्यक चक्कर लगाने से बचने की बात कही। बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों, संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों की यह बैठक पार्टी के संगठनात्मक कामकाज और आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों के लिहाज से आयोजित की गई थी।
