शिकायत के मुताबिक घटना रात करीब 1 बजे से 3 बजे के बीच की बताई गई है। छात्रों का आरोप है कि कुछ सीनियर विद्यार्थी हॉस्टल के ब्लॉक नंबर छह में पहुंचे और कमरों के दरवाजे लगातार खटखटाते रहे। डर की वजह से छात्रों ने अपने कमरे के दरवाजे नहीं खोले। शिकायत में यह भी कहा गया है कि सीनियर छात्रों की ओर से जूनियर विद्यार्थियों को हॉस्टल से बाहर आने के लिए कहा गया था।
छात्रों ने हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। शिकायत में कहा गया है कि घटना के दौरान हॉस्टल में सुरक्षाकर्मी मौजूद था लेकिन कथित तौर पर उसने सीनियर छात्रों को अंदर आने से नहीं रोका। अब कॉलेज प्रबंधन घटना की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए हॉस्टल में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच कर रहा है।
मामले की शिकायत सामने आने के बाद कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक भी बुलाई गई। इसमें फर्स्ट ईयर के विद्यार्थियों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है। प्रबंधन ब्लॉक नंबर छह की उस रात की CCTV फुटेज खंगालेगा। कॉलेज प्रशासन के मुताबिक जांच में यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित छात्रों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फर्स्ट ईयर के छात्र जिस ब्लॉक नंबर छह में रहते हैं वहां सीनियर छात्रों का प्रवेश नियमों के अनुसार प्रतिबंधित बताया गया है। ऐसे में कथित तौर पर सीनियर छात्रों के वहां पहुंचने का मामला हॉस्टल सुरक्षा और नियमों के पालन से भी जुड़ा हुआ है।
शिकायत में गणपति उत्सव के दौरान हुई एक मीटिंग का भी जिक्र किया गया है। छात्रों का आरोप है कि उन्हें बैठक के लिए बुलाया गया था और इस दौरान उनके मोबाइल फोन ले लिए गए थे। विद्यार्थियों ने रैगिंग से जुड़े नियमों और न्यायालय के निर्देशों का हवाला देते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की है।
एमजीएम मेडिकल कॉलेज में करीब 10 दिन के भीतर रैगिंग से जुड़ी यह दूसरी शिकायत बताई जा रही है। इससे पहले एमटीएच अस्पताल में एक पीजी छात्र की ओर से रैगिंग की शिकायत सामने आई थी। उस मामले में जांच कमेटी बनाई गई थी और विभागीय स्तर पर कार्रवाई की गई थी।
कॉलेज में पहले भी रैगिंग से जुड़ी शिकायतें सामने आती रही हैं। सितंबर में 2024 बैच के करीब 50 विद्यार्थियों के रैगिंग से परेशान होकर हॉस्टल छोड़ने की बात सामने आई थी। इससे पहले अक्टूबर 2025 में पीजी छात्रा ने सीनियर डॉक्टरों पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। नवंबर 2025 में भी MBBS प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों की ओर से सीनियर छात्रों पर मारपीट और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए गए थे। उस मामले की जांच के बाद चार सीनियर छात्रों को निलंबित किया गया था।
एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि कॉलेज को शिकायत मिली है। मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। अब छात्रों के बयान और CCTV फुटेज सहित उपलब्ध जानकारी के आधार पर पूरे मामले की जांच की जाएगी।
