राष्ट्रपति पद पर भी मुकाबला रहा करीबी
रिपोर्टों के मुताबिक बैठक में राहुल गांधी ने खास तौर पर राष्ट्रपति पद के चुनाव को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना था कि मुकाबला करीबी होने के बावजूद अंतिम नतीजा NSUI के पक्ष में नहीं गया। उन्होंने चुनाव के दौरान अपनाई गई रणनीति और संगठन की तैयारियों को लेकर कन्हैया कुमार और विनोद जाखड़ से जवाब मांगा।
DUSU के चार केंद्रीय पदों में ABVP ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पद जीते, जबकि उपाध्यक्ष पद पर NSUI से अलग होकर निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले दीपांशु शौकीन ने जीत दर्ज की। NSUI का आधिकारिक पैनल कोई केंद्रीय सीट नहीं जीत सका।
टिकट वितरण पर भी उठे सवाल
बैठक में उम्मीदवारों के चयन और टिकट वितरण को लेकर भी चर्चा हुई। रिपोर्टों के अनुसार, दीपांशु शौकीन को आधिकारिक टिकट नहीं देने के फैसले पर सवाल उठाया गया। शौकीन बाद में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे और उपाध्यक्ष पद जीत लिया।
इसके अलावा कुछ अन्य उम्मीदवारों के टिकट को लेकर भी संगठन के भीतर असहमति की बात सामने आई है। रिपोर्टों में दावा किया गया कि उम्मीदवारों के चयन से जुड़े फैसलों ने NSUI के वोटों को प्रभावित किया और संगठन के आधिकारिक उम्मीदवारों के सामने बगावत की स्थिति बनी।
वेणुगोपाल ने भी मांगी रिपोर्ट
DUSU नतीजों के बाद कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी चुनावी प्रदर्शन की समीक्षा की थी। रिपोर्ट के मुताबिक राहुल गांधी ने उनसे चुनाव परिणाम और हार के कारणों पर विस्तृत जानकारी लेने को कहा था। इसके बाद NSUI की रणनीति और संगठनात्मक तैयारियों को लेकर बैठक हुई।
बैठक में प्रचार अभियान, उम्मीदवारों के चयन, जमीनी स्तर पर संगठन की सक्रियता और छात्रों के बीच पहुंच जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। कांग्रेस नेतृत्व की ओर से आगे की छात्र राजनीति के लिए संगठन को मजबूत करने और युवाओं से जुड़ाव बढ़ाने पर भी जोर दिए जाने की रिपोर्ट है।
युवा मुद्दों से जुड़ाव पर भी चर्चा
DUSU चुनाव के नतीजे ऐसे समय आए हैं, जब कांग्रेस की ओर से युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में विश्वविद्यालय चुनाव में NSUI का प्रदर्शन पार्टी के लिए समीक्षा का विषय बना है। राहुल गांधी की बैठक में संगठन की कैंपस स्तर की गतिविधियों और छात्रों के बीच संपर्क को लेकर भी चर्चा होने की बात सामने आई है।
फिलहाल कांग्रेस की ओर से बैठक में राहुल गांधी द्वारा कही गई हर बात का आधिकारिक ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया है। इसलिए उनके कथित सवालों और फटकार से जुड़ी जानकारियां मीडिया रिपोर्टों और सूत्रों के हवाले से सामने आई हैं। चुनाव परिणाम के बाद पार्टी के भीतर अब टिकट वितरण से लेकर चुनावी रणनीति तक की समीक्षा का दौर जारी है।
