छात्राओं ने सबसे बड़ी समस्या पानी की बताई। उनका दावा है कि छात्रावास में लगे बोरवेल और नलों से पूरे दिन में करीब एक घंटे ही पानी मिल पाता है। करीब 150 छात्राओं के लिए इतनी कम अवधि में मिलने वाला पानी पीने और दैनिक जरूरतों के लिए पर्याप्त नहीं है। पानी की कमी के कारण उन्हें रोजमर्रा के कामों में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
भोजन को लेकर भी छात्राओं ने गंभीर शिकायतें सामने रखीं। उनका कहना है कि एक दिन सब्जी में नमक ज्यादा होने की शिकायत की गई थी। इसके बाद कथित तौर पर अगले दिन खाने में नमक ही नहीं डाला गया। छात्राओं ने हॉस्टल में निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं मिलने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि हरी सब्जियों में कई बार कीड़े मिलने की शिकायत के बाद उन्हें मेन्यू से ही हटा दिया गया।
छात्राओं ने यह भी दावा किया कि सिकल सेल बीमारी से पीड़ित दो छात्राओं की तबीयत भोजन की गुणवत्ता के कारण खराब हुई और उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। छात्राओं ने अधिकारियों से भोजन की गुणवत्ता की जांच कराने और निर्धारित मेन्यू के अनुसार खाना उपलब्ध कराने की मांग की।
हॉस्टल की दूसरी व्यवस्थाओं को लेकर भी छात्राओं ने नाराजगी जताई। उनके मुताबिक पानी का कूलर गीजर और सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन खराब पड़ी है। परिसर में जगह जगह कचरा जमा होने की शिकायत भी की गई। छात्राओं ने हॉस्टल परिसर में सांप आने की बात कहते हुए सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि कचरे और आसपास की स्थिति के कारण यह समस्या बार बार सामने आती है।
प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग रंजना सिंह छात्राओं से मिलने पहुंचीं। उन्होंने छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान का भरोसा दिया। अधिकारी के अनुसार छात्रावास भवन का निर्माण वर्ष 2023 में हुआ था जबकि छात्राओं का रहना वर्ष 2025 से शुरू हुआ। भवन में निर्माण से जुड़ी कुछ कमियां सामने आई हैं जिन्हें दूर करने के लिए PIU को पत्र लिखा जाएगा।
पानी की समस्या को लेकर अधिकारी ने बताया कि फिलहाल बोरवेल से सीमित मात्रा में पानी उपलब्ध हो रहा है। नगर पालिका की पाइपलाइन से पानी उपलब्ध कराने के लिए आवेदन किया गया है। तब तक छात्रावास में टैंकर के माध्यम से पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। वहीं सांप और कचरे की समस्या को छात्रावास के पास स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड से भी जोड़ा गया है।
प्रशासन की ओर से छात्राओं को वापस छात्रावास पहुंचाने के लिए वाहन उपलब्ध कराया गया था लेकिन छात्राओं ने वाहन लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद वे पैदल ही वापस छात्रावास चली गईं। अब छात्राओं की शिकायतों के बाद पानी भोजन सफाई सुरक्षा और भवन की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए प्रशासन की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
