विवाद की शुरुआत तब हुई जब राजीव चंद्रशेखर ने SIR और चुनावी राजनीति के मुद्दे पर राहुल गांधी की आलोचना की। चंद्रशेखर ने कांग्रेस की राजनीति पर कई आरोप लगाए और कहा कि चुनावों में पार्टी को मिली हार के लिए उसे अपनी राजनीतिक रणनीति पर विचार करना चाहिए। उन्होंने SIR का समर्थन करते हुए कहा कि मतदाता सूची से फर्जी या अवैध नामों को हटाना जरूरी है। उनके मुताबिक चुनावी प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इसके बाद मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर चंद्रशेखर की टिप्पणियों पर आपत्ति जताई। सतीशन ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ व्यक्तिगत और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल राजनीतिक आलोचना नहीं माना जा सकता। उन्होंने SIR को लेकर चुनाव आयोग के भीतर सामने आए मतभेदों पर चंद्रशेखर के रुख की भी आलोचना की।
सतीशन के बयान के जवाब में चंद्रशेखर ने कहा कि वह आमतौर पर राजनीतिक विरोधियों पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करते लेकिन राहुल गांधी के मामले में उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीति पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा चुनाव आयोग को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणियों की निंदा होनी चाहिए। ये चंद्रशेखर के राजनीतिक आरोप और उनके द्वारा व्यक्त किया गया नजरिया है जिसे स्वतंत्र तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
चंद्रशेखर ने अपने जवाब में सतीशन के सामने एक शर्त भी रखी। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री राहुल गांधी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी के लिए माफी मांगने को कहते हैं और चुनाव आयोग के संबंध में लगाए गए आरोपों पर भी माफी मांगने को कहते हैं तो वह राहुल गांधी को फ्रॉड कहना बंद कर देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनकी यह मांग स्वीकार नहीं की जाती और विपक्ष अपनी राजनीतिक रणनीति में झूठ भ्रष्टाचार तथा तुष्टीकरण जैसे मुद्दों को शामिल रखता है तो वह अपनी टिप्पणी दोहराते रहेंगे।
इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर देशभर में चल रही राजनीतिक बहस भी है। बीजेपी जहां इसे मतदाता सूची को व्यवस्थित और साफ करने की प्रक्रिया के तौर पर पेश कर रही है वहीं विपक्षी दल इसके तौर तरीकों और संभावित प्रभावों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। केरल में भी यह मुद्दा बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव का विषय बना हुआ है। चंद्रशेखर पहले भी SIR के मुद्दे पर राहुल गांधी की आलोचना कर चुके हैं।
इस बयानबाजी से साफ है कि केरल की राजनीति में SIR को लेकर विवाद केवल चुनाव आयोग की प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहा बल्कि अब बीजेपी और कांग्रेस के शीर्ष राज्य नेताओं के बीच तीखी राजनीतिक बहस का रूप ले चुका है। फिलहाल दोनों पक्ष अपने अपने रुख पर कायम हैं और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और बढ़ सकती है।
