पत्रकार ने बीच में टोककर पूछा- आतंकवाद कब बंद करेंगे?
जयशंकर न्यूयॉर्क में भारत और लाइबेरिया की ओर से शुरू किए गए ‘ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स ऑन सेफ्टी एंड सिक्योरिटी ऑफ शिपिंग एंड सीफेयरर्स’ से जुड़े प्रेस इंटरैक्शन में बोल रहे थे। उनके साथ लाइबेरिया की विदेश मंत्री सारा बेइसोलो न्यांती भी मौजूद थीं।
प्रेस बातचीत के बाद एक पाकिस्तानी पत्रकार ने जयशंकर को बीच में टोकते हुए पूछा कि भारत सरकार पाकिस्तान में आतंकवाद को प्रायोजित करना कब बंद करेगी। उसने भारत पर ‘प्रॉक्सी टेररिज्म’ को समर्थन देने का आरोप लगाते हुए सवाल किया।
जयशंकर ने बिना लंबी प्रतिक्रिया दिए कहा, “एक आतंकी देश मुझसे ये सवाल पूछ रहा है। कम ऑन।” इसके बाद वह मुस्कुराए और वहां से चले गए।
भारत के संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वतनेनी ने इसके बाद पत्रकार से कहा, “आपने अपना जवाब सुन लिया है। आपने अपना जवाब साफ तौर पर सुन लिया है।” इस घटना का वीडियो भी सामने आया है।
25 देशों के साथ समुद्री सुरक्षा पर पहल
यह सवाल-जवाब उस प्रेस इंटरैक्शन के दौरान हुआ, जिसमें जयशंकर और लाइबेरिया की विदेश मंत्री समुद्री कर्मचारियों और कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा को लेकर नई पहल की जानकारी दे रहे थे। भारत और लाइबेरिया ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर ‘ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स ऑन सेफ्टी एंड सिक्योरिटी ऑफ शिपिंग एंड सीफेयरर्स’ की शुरुआत की है।
जयशंकर ने कहा कि समुद्र में कमर्शियल जहाजों और नाविकों पर होने वाले हमलों को किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि ऐसे हमलों को रुकना ही चाहिए।
विदेश मंत्री के मुताबिक, भारत समुद्री कर्मचारियों का एक प्रमुख सोर्स देश है, जबकि लाइबेरिया के पास टनेज के हिसाब से दुनिया की सबसे बड़ी शिपिंग रजिस्ट्रियों में से एक है। दोनों देशों ने समान हितों वाले अन्य देशों और प्रमुख जहाज मालिकों को भी इस पहल से जोड़ने की कोशिश की है।
‘हमलों को रुकना ही चाहिए’
जयशंकर ने कहा कि हाल के महीनों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, रेड सी और ब्लैक सी समेत अलग-अलग समुद्री क्षेत्रों में कमर्शियल शिपिंग और मर्चेंट मैरिनर्स पर हमले हुए हैं। उनके मुताबिक, इन घटनाओं से समुद्री व्यापार प्रभावित होता है और लोगों की जान जाती है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की हिंसा और जान-माल के नुकसान का कोई औचित्य नहीं हो सकता। भारत और लाइबेरिया की पहल का उद्देश्य समुद्री कर्मचारियों और कमर्शियल शिपिंग इंडस्ट्री से जुड़े सुरक्षा मुद्दों पर दुनिया का ध्यान बढ़ाना है।
जयशंकर के मुताबिक, दुनिया के मर्चेंट फ्लीट को करीब 20 लाख समुद्री कर्मचारी चलाते हैं। उन्हें मुश्किल परिस्थितियों में काम करना पड़ता है और हाल के घटनाक्रम ने उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है।
पीएम मोदी भी उठा चुके हैं नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा
नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा भारत की ओर से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी उठाया जाता रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ब्रिक्स बैठक के दौरान समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को उठाया है।
जयशंकर की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच आतंकवाद को लेकर बयानबाजी भी चर्चा में है।
