गोयल ने कहा कि भारत अब 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार, जैसे-जैसे देश इस लक्ष्य की ओर बढ़ेगा, अलग-अलग आर्थिक मापदंडों के बीच मौजूद अंतर भी कम होता जाएगा। उन्होंने भारत की बदलती आर्थिक स्थिति और वैश्विक बाजारों के साथ बढ़ते जुड़ाव को व्यापार वार्ताओं के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया।
क्रय शक्ति समता ऐसी विनिमय दरों को दर्शाती है, जिनका उद्देश्य अलग-अलग देशों में वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों के स्तर में अंतर को ध्यान में रखते हुए मुद्राओं की वास्तविक खरीद क्षमता की तुलना करना है। इसी आधार पर विभिन्न देशों की अर्थव्यवस्थाओं के आकार की तुलना की जाती है।
गोयल ने कहा कि भारत व्यापार और आर्थिक साझेदारी को लेकर ऐसी अर्थव्यवस्था के रूप में बातचीत कर रहा है, जिसके 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की उम्मीद है। उन्होंने व्यापक आर्थिक साझेदारी की संभावनाओं पर भी जोर दिया। इसमें सामान, सेवाओं, पर्यटकों, शिक्षण संस्थानों और खेलों से जुड़े लोगों के आसान आवागमन को बढ़ावा देने की बात शामिल है।
उन्होंने बताया कि भारत की कई देशों और क्षेत्रों के साथ व्यापार वार्ताएं चल रही हैं। इनमें कनाडा, चिली, पेरू, सदर्न अफ्रीकन कस्टम्स यूनियन, मेक्सिको, मालदीव, यूरेशिया, मध्य एशिया, रूस, गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल और इजरायल शामिल हैं।
इन वार्ताओं का प्रमुख उद्देश्य भारत के लिए वैश्विक वैल्यू चेन और सप्लाई चेन में भागीदारी के अवसर बढ़ाना है। इसके साथ ही सामान और सेवाओं के आवागमन को आसान बनाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि वैश्विक बाजारों से जुड़ाव बढ़ाने के लिए आर्थिक साझेदारी महत्वपूर्ण है।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र का उल्लेख करते हुए गोयल ने कहा कि अगले पांच वर्षों में भारत में सेमीकंडक्टर की सालाना खपत की मांग 150 अरब डॉलर से अधिक होने की उम्मीद है। उन्होंने इस क्षेत्र में बढ़ती जरूरतों के अनुरूप क्षमताओं के विकास पर जोर दिया।
मंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भी क्षमता विकसित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने बड़े लैंग्वेज मॉडल और एजेंटिक मॉडल सहित एआई इकोसिस्टम को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही भारतीय स्टार्टअप्स के लिए इनोवेशन और डीप-टेक इकोसिस्टम को बढ़ावा देने की दिशा में काम करने की बात कही।
गोयल ने अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत निजी क्षेत्र द्वारा अंतरिक्ष में रॉकेट लॉन्च करने वाला तीसरा देश बन गया है। इसके अलावा उन्होंने भारत की युवा आबादी के वैश्विक घटनाक्रमों और अवसरों को लेकर बढ़ती जागरूकता का जिक्र किया। उन्होंने युवाओं की अपने भविष्य से जुड़े फैसले लेने की क्षमता पर भरोसा जताया और देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम की वृद्धि का भी उल्लेख किया।
