अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि जब सफल कलाकार अनुशासित जीवनशैली और स्वस्थ आदतों के फायदे बताते हैं तो बड़ी संख्या में बच्चे और युवा उनसे प्रभावित होते हैं। इसी प्रभाव को ध्यान में रखते हुए उन्होंने फिल्म कलाकारों से स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पदार्थों का प्रचार नहीं करने का अनुरोध किया।
राष्ट्रपति ने कहा कि लोकप्रिय कलाकारों को ऐसे उत्पादों के विज्ञापन से बचना चाहिए, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक माने जाते हैं। उन्होंने अपने संदेश को एक प्रभावशाली वाक्य में रखते हुए कहा कि स्टार वही है जो रोशनी फैलाए, अंधेरा नहीं।
राष्ट्रपति की यह अपील ऐसे समय में सामने आई जब फिल्म जगत के कई चर्चित कलाकार अलग-अलग मौकों पर पान मसाला और अन्य उत्पादों के विज्ञापनों से जुड़े रहे हैं। कुछ कलाकारों ने ऐसे विज्ञापनों में काम किया है, जबकि कुछ ने बाद में सार्वजनिक प्रतिक्रिया के बीच संबंधित ब्रांड से दूरी बना ली।
अभिनेता अक्षय कुमार भी पहले एक पान मसाला विज्ञापन का हिस्सा बने थे। हालांकि, लोगों की प्रतिक्रिया के बाद उन्होंने संबंधित कंपनी से अपना जुड़ाव खत्म कर लिया था। दूसरी ओर, कुछ दक्षिण भारतीय कलाकारों ने ऐसे उत्पादों के विज्ञापन के प्रस्ताव स्वीकार नहीं किए। इनमें अल्लू अर्जुन, यश और आर. माधवन के नाम शामिल हैं।
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में केवल फिल्म सितारों की जिम्मेदारी की बात नहीं की, बल्कि सिनेमा निर्माण से जुड़े उन लोगों को भी याद किया, जिनका योगदान अक्सर पर्दे के पीछे रह जाता है। उन्होंने कहा कि किसी फिल्म को बनाने में बड़ी संख्या में लोगों की मेहनत शामिल होती है।
उन्होंने सभी पुरस्कार विजेताओं से अनुरोध किया कि अपनी फिल्मों को मिली सराहना और सम्मान को टीम के प्रत्येक सदस्य तक पहुंचाएं। इनमें मजदूर, छोटे कलाकार, सहायक और संघर्षरत लोग भी शामिल हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि रचनात्मक अर्थव्यवस्था में योगदान देने वाले इन लोगों को सम्मान और सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए।
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को सम्मानित किया गया। यह पहली बार था जब राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का आयोजन दिल्ली से बाहर किया गया। गुजरात के एकता नगर में हुए इस समारोह में राष्ट्रपति ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।
समारोह में कन्नड़ सिनेमा के दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को भारतीय सिनेमा में पांच दशकों से अधिक के योगदान के लिए दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
फिल्म ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म चुना गया और इसकी मुख्य अभिनेत्री यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला। वहीं ‘भ्रमयुगम’ के लिए मैमूटी और ‘चंदू चैंपियन’ के लिए कार्तिक आर्यन को संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान दिया गया।
राष्ट्रपति ने सिनेमा को समाज का दर्पण बताते हुए कहा कि यह भारतीय संस्कृति, संवेदनाओं और जीवन मूल्यों को दुनिया तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने विभिन्न भाषाओं और क्षेत्रों में बनने वाली फिल्मों की सराहना करते हुए कहा कि क्षेत्रीय सिनेमा देश की जड़ों और विविध कहानियों को जीवंत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।
