झाँसी। हिंदी भाषा एवं साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झाँसी के प्रो. मुन्ना तिवारी को श्रीनाथद्वारा स्थित प्रतिष्ठित ‘साहित्य मंडल’ द्वारा ‘हिंदी भाषा विभूषण एवं शिरोमणि’ की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही उन्हें ‘भगवती प्रसाद देवपुरा स्मृति सम्मान’ से भी अलंकृत किया गया।

राजस्थान की पावन नगरी श्रीनाथद्वारा में आयोजित गरिमामय समारोह में यह सम्मान प्रदान किया गया। उल्लेखनीय है कि साहित्य मंडल, श्रीनाथद्वारा की स्थापना वर्ष 1937 में हुई थी और यह संस्था लंबे समय से हिंदी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए कार्य कर रही है।
इस अवसर पर प्रो. मुन्ना तिवारी की पत्नी श्रीमती रागिनी तिवारी की मंच पर गरिमामयी उपस्थिति भी रही। सम्मान समारोह को अपने लिए अविस्मरणीय बताते हुए प्रो. तिवारी ने साहित्य मंडल, श्रीनाथद्वारा के पदाधिकारियों एवं समस्त साहित्य मंडल परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया।
प्रो. मुन्ना तिवारी को प्राप्त इस सम्मान पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा एवं साहित्य के क्षेत्र में विश्वविद्यालय परिवार के किसी सदस्य को प्राप्त ऐसा सम्मान पूरे विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय है।
कुलसचिव श्री ज्ञानेंद्र कुमार, वित्त अधिकारी श्री प्रमोद कुमार तथा परीक्षा नियंत्रक श्री राजबहादुर ने भी प्रो. मुन्ना तिवारी को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल साहित्यिक एवं अकादमिक भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।
विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी प्रो. तिवारी को शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए कहा कि यह सम्मान हिंदी भाषा और साहित्य के प्रति उनके निरंतर योगदान तथा प्रतिबद्धता का सम्मान है। विश्वविद्यालय परिवार ने उनके इस उपलब्धि को गौरवपूर्ण बताते हुए भविष्य में भी साहित्य एवं अकादमिक क्षेत्र में उनके निरंतर योगदान की कामना की।
