स्टीफन फ्लेमिंग का चेन्नई सुपर किंग्स के साथ करीब 18 साल का जुड़ाव रहा। उन्होंने 2008 में खिलाड़ी के रूप में टीम से जुड़ने के बाद 2009 से मुख्य कोच की भूमिका संभाली थी। उनके कार्यकाल में टीम ने पांच आईपीएल खिताब जीते। फ्लेमिंग ने 2026 के बाद चेन्नई से अलग होने का फैसला किया और अब इंग्लैंड की टेस्ट टीम के मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
जहीर खान के लिए यह आईपीएल में किसी फ्रेंचाइजी के मुख्य कोच के रूप में पहला कार्यकाल होगा। हालांकि, वह कोचिंग और खिलाड़ी विकास से जुड़े पदों पर पहले भी काम कर चुके हैं। भारतीय टीम के साथ वह 2017 में गेंदबाजी सलाहकार की भूमिका निभा चुके हैं। इसके अलावा मुंबई इंडियंस के साथ उन्होंने क्रिकेट संचालन और खिलाड़ी विकास से जुड़े पदों पर काम किया।
जहीर लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ भी मेंटर की भूमिका निभा चुके हैं। इस अनुभव के कारण वह आईपीएल के माहौल और फ्रेंचाइजी क्रिकेट की जरूरतों से परिचित हैं। अब उन्हें चेन्नई की टीम के प्रदर्शन और खिलाड़ियों के विकास से जुड़ी जिम्मेदारी संभालनी होगी।
जहीर का नाम चेन्नई की टीम के भीतर चर्चा के बाद तय किया गया। टीम के प्रबंधन से जुड़े फैसलों में महेंद्र सिंह धोनी, कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ और अन्य प्रमुख सदस्यों की राय भी शामिल रही। जहीर और धोनी भारतीय टीम के दौर से एक-दूसरे को जानते हैं और 2011 विश्व कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं।
जहीर का अंतरराष्ट्रीय करियर भी शानदार रहा है। उन्होंने भारत के लिए 92 टेस्ट, 200 वनडे और 17 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। तीनों प्रारूपों में उनके नाम कुल 610 विकेट हैं। 2011 विश्व कप में उन्होंने 21 विकेट हासिल किए थे और भारतीय टीम को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।
आईपीएल में जहीर ने 100 मुकाबले खेले और 102 विकेट लिए। उन्होंने मुंबई इंडियंस, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और दिल्ली की टीम का प्रतिनिधित्व किया। खिलाड़ी के रूप में संन्यास लेने के बाद उन्होंने धीरे-धीरे क्रिकेट प्रशासन, मेंटरशिप और खिलाड़ी विकास की भूमिकाओं में कदम बढ़ाया।
चेन्नई सुपर किंग्स के लिए जहीर की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब टीम लगातार तीन सत्रों से प्लेऑफ में जगह नहीं बना सकी है। 2025 और 2026 में टीम का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा। ऐसे में नई कोचिंग व्यवस्था के सामने टीम के प्रदर्शन में सुधार के साथ खिलाड़ियों के संयोजन और रणनीति को मजबूत करने की चुनौती होगी।
आईपीएल 2027 में जहीर के सामने चेन्नई की टीम को नए सिरे से तैयार करने और उसके मौजूदा खिलाड़ियों की क्षमता का बेहतर इस्तेमाल करने की जिम्मेदारी होगी। धोनी और टीम प्रबंधन के साथ उनका तालमेल भी चेन्नई की आगामी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा।
