राहुल बोंडरे बुलढाना जिले के चिखली विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक रह चुके हैं। पिछले कुछ समय से उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें चल रही थीं। बताया गया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण के दौरान भाजपा में जाने का फैसला सार्वजनिक भी किया था।
इस दौरान उन्होंने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल और पार्टी के अन्य नेताओं का धन्यवाद भी किया था। बोंडरे इससे पहले भी दो बार भाजपा में जाने के संकेत दे चुके थे। इसलिए उनके संभावित दल-बदल को महाराष्ट्र कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा था।
इसी बीच राहुल गांधी का बोंडरे से फोन पर संपर्क हुआ। बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने उनकी पार्टी के लिए भूमिका और योगदान की सराहना की तथा उनसे कांग्रेस में बने रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पार्टी को बोंडरे की जरूरत है और उन्हें अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।
बातचीत के बाद बोंडरे ने राहुल गांधी के फोन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने उनकी सुध ली। उन्होंने यह भी कहा कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, वह कांग्रेस के लिए काम करते रहेंगे। इस घटनाक्रम के बाद उनके भाजपा में शामिल होने की योजना फिलहाल बदलती हुई दिखाई दी।
राहुल गांधी और राहुल बोंडरे के बीच बातचीत का एक वीडियो भी सामने आया है। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। वीडियो में दोनों नेताओं के बीच बातचीत होती दिखाई देती है और बोंडरे कांग्रेस में बने रहने की बात कहते नजर आते हैं।
बोंडरे के भाजपा में शामिल होने की संभावित तारीख को लेकर भी चर्चा सामने आई थी। चिखली से भाजपा विधायक श्वेता महाले ने उनके भाजपा में शामिल होने की बात कही थी। यह भी बताया गया था कि 22 सितंबर को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में उन्हें पार्टी में शामिल कराया जा सकता है। हालांकि, बाद के घटनाक्रम में बोंडरे के रुख में बदलाव की बात सामने आई।
बोंडरे ने 2024 का विधानसभा चुनाव चिखली सीट से लड़ा था। इस चुनाव में उनका मुकाबला श्वेता महाले से हुआ था। वह करीब 3,702 मतों के अंतर से चुनाव हार गए थे। इसके बाद भी दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक मुकाबला क्षेत्र में चर्चा का विषय रहा है।
महाराष्ट्र में हाल के दिनों में नेताओं के संभावित दल-बदल को लेकर लगातार राजनीतिक चर्चाएं चल रही हैं। सितंबर की शुरुआत में शिवसेना के कुछ विधायकों के दूसरे गुट के संपर्क में होने के दावे भी सामने आए थे।
शिवसेना विधायक मुर्जी पटेल ने दावा किया था कि उद्धव ठाकरे गुट के 14 विधायक एकनाथ शिंदे गुट के संपर्क में हैं और आने वाले दिनों में उनके शामिल होने की संभावना है। उन्होंने इसे संभावित ‘ऑपरेशन टाइगर’ से जोड़कर भी बताया था।
हालांकि, इन दावों पर संबंधित विधायकों की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई थी और उनके नाम भी सार्वजनिक नहीं किए गए थे। इससे पहले उद्धव ठाकरे गुट के पांच सांसदों के दूसरे गुट में शामिल होने की बात सामने आ चुकी थी। ऐसे राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच राहुल बोंडरे का मामला महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चा का नया विषय बन गया है।
