फिटकरी का इस्तेमाल स्कैल्प की सफाई के लिए किया जाता है। अगर सिर की त्वचा बहुत ज्यादा ऑयली रहती है तो फिटकरी का हल्का घोल अतिरिक्त तेल और गंदगी को हटाने में मदद कर सकता है। इससे स्कैल्प साफ महसूस हो सकता है। कुछ लोगों का मानना है कि इससे डैंड्रफ की समस्या में भी राहत मिलती है लेकिन डैंड्रफ के कई कारण हो सकते हैं और हर व्यक्ति में इसका असर एक जैसा नहीं होता। लगातार या ज्यादा डैंड्रफ होने पर केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।
फिटकरी को सीधे स्कैल्प पर रगड़ना उचित नहीं माना जाता क्योंकि यह कुछ लोगों की त्वचा में रूखापन जलन या लालिमा पैदा कर सकती है। अगर इसका इस्तेमाल करना ही है तो पहले फिटकरी को पानी में अच्छी तरह घोलकर बहुत हल्का घोल तैयार किया जा सकता है। इस घोल को कॉटन या उंगलियों की मदद से स्कैल्प पर हल्के हाथों से लगाया जा सकता है। कुछ समय बाद बालों को सामान्य पानी से धो लेना चाहिए। इसके बाद स्कैल्प में रूखापन महसूस हो तो हल्का मॉइस्चराइजिंग या कंडीशनिंग प्रोडक्ट इस्तेमाल किया जा सकता है।
बालों के झड़ने की समस्या में फिटकरी को सीधे तौर पर इलाज नहीं माना जाना चाहिए। बाल झड़ने के पीछे तनाव पोषण की कमी हार्मोनल बदलाव आनुवंशिक कारण स्कैल्प की समस्या या किसी अन्य स्वास्थ्य संबंधी वजह की भूमिका हो सकती है। इसलिए अगर बाल लगातार तेजी से झड़ रहे हैं या सिर में पैच बन रहे हैं तो कारण समझना ज्यादा जरूरी है। केवल फिटकरी लगाने से मूल समस्या दूर नहीं होगी।
इसी तरह अगर स्कैल्प पर घाव खुजली जलन या किसी तरह का संक्रमण है तो फिटकरी का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। पहली बार इस्तेमाल करने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना भी उपयोगी हो सकता है। किसी तरह की जलन या एलर्जी महसूस होने पर तुरंत इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।
दरअसल फिटकरी को बालों की नियमित देखभाल का विकल्प नहीं बल्कि सीमित घरेलू उपाय के रूप में ही देखा जाना चाहिए। स्वस्थ बालों के लिए संतुलित आहार पर्याप्त प्रोटीन और पोषक तत्वों का सेवन स्कैल्प की साफ सफाई पर्याप्त नींद और बालों के लिए सही उत्पादों का इस्तेमाल ज्यादा महत्वपूर्ण है। डैंड्रफ या हेयर फॉल की समस्या लंबे समय तक बनी रहती है तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना सबसे बेहतर तरीका है।
