नई दिल्ली । रिटायरमेंट के लिए बचत करने वालों के साथ अब स्वास्थ्य सुरक्षा को जोड़ने की दिशा में NPS Swasthya योजना महत्वपूर्ण है। इस योजना के तहत पेंशन अकाउंट के साथ सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस कवर जोड़ा गया है। योजना के नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं। इसमें निवेश और हेल्थ इंश्योरेंस को दो अलग हिस्सों के तौर पर रखा गया है।
NPS Swasthya में शामिल होने के लिए NPS में प्रवेश की पात्रता रखने वाले नागरिक आवेदन कर सकते हैं। योजना में फैमिली फ्लोटर हेल्थ इंश्योरेंस का विकल्प है, जिसके तहत खाताधारक के साथ पति या पत्नी और दो बच्चों को कवर किया जा सकता है। माता-पिता को इस स्टैंडर्ड पॉलिसी के तहत शामिल नहीं किया गया है।
इस योजना की शुरुआत के लिए तीन तरह की राशि जरूरी होगी। इसमें पहले साल का इंश्योरेंस प्रीमियम, ₹200 का सालाना मेंटेनेंस चार्ज और NPS Swasthya खाते में कम से कम ₹1,000 का निवेश शामिल है। शुरुआती निवेश के बाद न्यूनतम ₹10 का योगदान भी किया जा सकता है।
योजना में 18 से 70 वर्ष की उम्र के लोग प्रवेश ले सकते हैं। इसे 85 वर्ष की उम्र तक रिन्यू कराया जा सकता है। जमा राशि का निवेश केंद्र सरकार की पेंशन योजना से जुड़े निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाएगा। इसके अलावा पेंशन फंड सालाना कॉर्पस पर 0.08 प्रतिशत तक चार्ज ले सकता है।
हेल्थ इंश्योरेंस कवर के लिए अलग-अलग डिडक्टिबल विकल्प दिए गए हैं। ₹10,000 के डिडक्टिबल पर ₹1 लाख का सम इंश्योर्ड, ₹50,000 डिडक्टिबल पर ₹5 लाख का कवर और ₹1 लाख डिडक्टिबल पर ₹10 लाख का सम इंश्योर्ड उपलब्ध है। वहीं ₹3 लाख के डिडक्टिबल विकल्प के साथ फैमिली फ्लोटर के तहत ₹30 लाख तक का बीमा कवर मिल सकता है।
डिडक्टिबल उस शुरुआती राशि को कहा जाता है, जिसे बीमा क्लेम से पहले खाताधारक को खुद या किसी दूसरी पॉलिसी के जरिए वहन करना होता है। इसके बाद की पात्र अस्पताल संबंधी लागत बीमा कवर के दायरे में आती है।
योजना में इलाज और अस्पताल से जुड़े खर्च के लिए कुल जमा योगदान का 25 प्रतिशत तक निकालने की सुविधा भी दी गई है। इसके लिए किसी वेटिंग पीरियड की जरूरत नहीं बताई गई है और निकासी की संख्या पर भी कोई सीमा नहीं है। हालांकि निकाली जाने वाली राशि सीधे खाताधारक के बैंक खाते में देने के बजाय अस्पताल या हेल्थकेयर सेंटर को ट्रांसफर की जाएगी।
इंश्योरेंस प्रीमियम के भुगतान को लेकर भी व्यवस्था तय की गई है। रिन्यूअल के समय खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने पर पेंशन फंड की ओर से 90, 60 और 30 दिन पहले अलर्ट भेजे जाएंगे। अगर ग्रेस पीरियड समाप्त होने तक प्रीमियम का भुगतान नहीं किया जाता है, तो हेल्थ इंश्योरेंस बंद हो जाएगा और NPS Swasthya खाता सामान्य ऑल सिटिजन मॉडल में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
