एआई सिस्टम में बड़ी मात्रा में डेटा को प्रोसेस करने के लिए शक्तिशाली कंप्यूटिंग क्षमता और मेमोरी चिप्स की जरूरत होती है। इसी वजह से एआई से जुड़े डेटा सेंटर और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ता निवेश चिप उद्योग की मांग को मजबूत कर रहा है।
मौजूदा अनुमान ऐसे समय में आया है, जब एआई तकनीक के विकास की गति को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही हैं। तकनीक पर नियंत्रण खोने की चिंताओं के बीच एआई के विकास को धीमा करने की मांग भी कुछ क्षेत्रों में उठी है। इसके बावजूद एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर कंपनियों का निवेश जारी है।
दक्षिण कोरिया की प्रमुख कंपनियां सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स वैश्विक मेमोरी चिप बाजार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। अनुमान है कि इन दोनों कंपनियों द्वारा निर्मित मेमोरी चिप्स वैश्विक सेमीकंडक्टर बाजार के आधे से अधिक हिस्से में योगदान कर सकती हैं। एआई सिस्टम द्वारा प्रोसेस किए जाने वाले डेटा की मात्रा बढ़ने से मेमोरी चिप्स की मांग में भी मजबूती बनी हुई है।
यह अनुमान वैश्विक बाजार अनुसंधान कंपनियों के विश्लेषण के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें ट्रेंडफोर्स सहित विभिन्न संस्थाओं के बाजार आकलन को शामिल किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए हाल के वर्षों में एआई सबसे महत्वपूर्ण मांग कारकों में शामिल हो गया है।
कुछ समय पहले तक अनुमान लगाया जा रहा था कि वैश्विक सेमीकंडक्टर बाजार 2030 में ही 1 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार करेगा। हालांकि, अमेरिका और चीन की बड़ी हाइपरस्केलर कंपनियों द्वारा एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी से निवेश बढ़ाने के कारण बाजार के अनुमान में बड़ा बदलाव आया है।
मेमोरी चिप्स की कीमतों में भी इस मांग का असर दिखाई दिया है। अगस्त के अंत तक डायनेमिक रैंडम एक्सेस मेमोरी यानी डीआरएएम की कीमत 25 डॉलर और एनएएनडी फ्लैश मेमोरी की कीमत 30.5 डॉलर तक पहुंच गई। एक साल पहले की तुलना में डीआरएएम की कीमत करीब 4.4 गुना और एनएएनडी फ्लैश की कीमत लगभग नौ गुना बढ़ी है।
हालांकि, अगले साल से मेमोरी चिप्स की कीमतों में स्थिरता आने का अनुमान है। इसके बावजूद मजबूत मांग के कारण वैश्विक सेमीकंडक्टर बाजार के विस्तार की रफ्तार जारी रहने की संभावना है। मौजूदा आकलन के अनुसार 2030 तक यह बाजार करीब 2 ट्रिलियन डॉलर के स्तर तक पहुंच सकता है।
बड़ी टेक कंपनियां मेमोरी चिप निर्माताओं के साथ दीर्घकालिक आपूर्ति समझौते भी कर रही हैं। इससे कंपनियों को जरूरी चिप्स की आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है और उद्योग में मांग तथा आपूर्ति के बीच बेहतर स्थिरता आ सकती है।
एआई में निवेश और एआई आधारित सेवाओं के विस्तार को देखते हुए निकट भविष्य में मेमोरी चिप बाजार की मांग कमजोर पड़ने की संभावना सीमित मानी जा रही है। डेटा सेंटर क्षमता बढ़ाने की जरूरत और एआई सिस्टम के विस्तार से सेमीकंडक्टर उद्योग को आगे भी समर्थन मिलने का अनुमान है।
