अधिकारियों के मुताबिक, ओंडो राज्य के ओडिगबो और झरेले इलाकों में पिछले कुछ दिनों के दौरान यह घटना सामने आई। बताया गया कि शराब पीने के बाद कई लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। शुरुआती लक्षणों में आंखों के सामने अंधेरा छाना, उल्टी और सिरदर्द जैसी परेशानियां शामिल थीं। इसके बाद कई लोगों की हालत तेजी से गंभीर हो गई।
राज्य के स्वास्थ्य आयुक्त बंजी अजाका के अनुसार, जहरीली शराब पीने के बाद 100 से ज्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें कई मरीजों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। मरीजों को बचाने के लिए डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीमें लगातार उपचार में जुटी हैं। प्रभावित इलाकों में विशेष मेडिकल टीमों की तैनाती भी की गई है, ताकि नए मामलों की पहचान जल्द की जा सके और मरीजों को समय पर इलाज मिल सके।
घटना के बाद पुलिस ने भी जांच तेज कर दी है। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अब तक 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एक व्यक्ति पर जहरीली शराब तैयार करने का आरोप भी लगाया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है, ताकि शराब तैयार करने और उसकी आपूर्ति से जुड़े पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा सके।
जांच में शराब में मेथनॉल मिलाए जाने की आशंका सामने आई है। मेथनॉल एक जहरीला रसायन है और इसके सेवन से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। अधिकारियों की जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि कथित तौर पर तैयार की गई जहरीली शराब किन-किन इलाकों में पहुंचाई गई और इसके सेवन से कितने लोग प्रभावित हुए हैं।
स्वास्थ्य विभाग प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मेडिकल टीमों को संभावित नए मरीजों की पहचान करने और उन्हें उपचार उपलब्ध कराने के लिए लगाया गया है। वहीं, पुलिस शराब की आपूर्ति और इसे तैयार करने से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
प्रशासन की ओर से घटना के कारणों और जहरीली शराब की आपूर्ति के दायरे का पता लगाने के लिए कार्रवाई जारी है। गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों का प्रयास है कि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए और जहरीली शराब की आगे की आपूर्ति को रोका जा सके।
ओंडो राज्य में हुई इस घटना ने शराब की गुणवत्ता और अवैध रूप से तैयार की जाने वाली शराब से जुड़े जोखिमों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मामले की जांच के साथ-साथ प्रभावित इलाकों में स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी हुई हैं।
