नई दिल्ली। इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाने की दिशा में मरक्युरी ईवी-टेक लिमिटेड ने देशभर में डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के विस्तार की योजना को गति दी है। कंपनी ने पिछले चार महीनों में 100 नए डीलरों को अपने नेटवर्क से जोड़ा है। अब मार्च 2027 तक 200 और नए डीलर नियुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। कंपनी का कहना है कि इस विस्तार से प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन बाजारों में उसके उत्पादों की उपलब्धता बढ़ेगी और ग्राहकों को बिक्री के साथ बिक्री के बाद की सेवाएं भी बेहतर तरीके से मिल सकेंगी।
कंपनी ने गुजरात में अपने इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मरक्युरी ईवी-टेक को गुजरात एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (GEDA) से अपने बैटरी चालित इलेक्ट्रिक वाहनों की मार्केटिंग के लिए मंजूरी मिली है। इसके तहत योजना की पात्रता शर्तें पूरी करने वाले ग्राहकों को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर लागू सब्सिडी का लाभ मिल सकेगा।
चार माह में 100 नए डीलर जुड़े
मरक्युरी ईवी-टेक लिमिटेड (बीएसई: 531357, एनएसई: MERCURYEV) ने अपने डीलर नेटवर्क में विस्तार को कंपनी की विकास रणनीति का अहम हिस्सा बताया है। पिछले चार महीनों में 100 नए डीलरों के जुड़ने से कंपनी की खुदरा बिक्री व्यवस्था और आफ्टर-सेल्स सर्विस नेटवर्क को मजबूती मिली है।
कंपनी के अनुसार, नए डीलरों के माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री और ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी। मार्च 2027 तक 200 और डीलर जोड़ने की योजना के पीछे कंपनी का उद्देश्य देश के अलग-अलग हिस्सों में अपनी भौगोलिक पहुंच का विस्तार करना है। इसके साथ ही शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहनों की उपलब्धता बढ़ाने तथा लास्ट-माइल कनेक्टिविटी से जुड़े ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
डीलर नेटवर्क का विस्तार कंपनी की बढ़ती विनिर्माण क्षमताओं और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी समाधानों की मांग के अनुरूप वितरण व्यवस्था को मजबूत करने की योजना का हिस्सा है। कंपनी का मानना है कि उत्पादन क्षमता के साथ बिक्री और सेवा नेटवर्क का विस्तार भी जरूरी है, ताकि अधिक से अधिक ग्राहक उसके इलेक्ट्रिक वाहनों तक पहुंच बना सकें।
गुजरात में दोपहिया और तिपहिया वाहनों पर सब्सिडी
गुजरात में बाजार विस्तार के लिए मरक्युरी ईवी-टेक को गुजरात एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी से मिली मंजूरी को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके बाद कंपनी के बैटरी चालित इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहन राज्य में लागू योजना की पात्रता शर्तों के तहत सब्सिडी के लिए योग्य हो सकेंगे।
कंपनी द्वारा साझा जानकारी के अनुसार, पात्र इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर प्रति वाहन 12 हजार रुपये और पात्र इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों पर प्रति वाहन 48 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है। हालांकि, वास्तविक लाभ योजना के नियमों, वाहन की पात्रता और संबंधित शर्तों के आधार पर निर्धारित होगा।
सब्सिडी की सुविधा से योग्य ग्राहकों के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद लागत कम होने की उम्मीद है। कंपनी को इससे गुजरात में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ाने और राज्य के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी बाजार में अपनी उपस्थिति मजबूत करने में मदद मिलने की आशा है।
उत्पादन क्षमता के साथ वितरण व्यवस्था बढ़ाने पर जोर
मरक्युरी ईवी-टेक ने डीलर नेटवर्क के विस्तार को अपनी विनिर्माण क्षमताओं के साथ जोड़कर देखा है। कंपनी का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग को देखते हुए उत्पादन के साथ वितरण और सेवा संबंधी बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है।
नए डीलरों की नियुक्ति से कंपनी को अलग-अलग क्षेत्रों में ग्राहकों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, बिक्री के बाद की सेवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर नेटवर्क मजबूत होने से वाहन मालिकों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। कंपनी शहरी और अर्ध-शहरी बाजारों में अपनी स्थिति को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
हरित ऊर्जा और आत्मनिर्भर भारत पर कंपनी का फोकस
मरक्युरी ईवी-टेक लिमिटेड इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में दोपहिया, तिपहिया और व्यावसायिक चारपहिया वाहनों के लिए समाधान विकसित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी के अनुसार, स्वच्छ और गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों के विकास और निर्माण में अपनी क्षमताओं को लगातार बढ़ाया जा रहा है।
कंपनी के संस्थापक जयेश ठक्कर के विजन के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को भविष्य की मोबिलिटी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है। इसी दिशा में कंपनी ने दोपहिया, तिपहिया और व्यावसायिक चारपहिया वाहनों के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास तथा तकनीकी विशेषज्ञता विकसित करने पर जोर दिया है।
कंपनी का परिचालन गुजरात के वडोदरा में पोर के पास स्थित 18 एकड़ के विनिर्माण परिसर से संचालित होता है। यह परिसर स्वर्णिम चतुर्भुज के निकट रणनीतिक स्थान पर स्थित बताया गया है। कंपनी के अनुसार, यह विनिर्माण आधार स्वच्छ इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में बदलाव को समर्थन देने के साथ आत्मनिर्भर भारत और सतत विकास के व्यापक उद्देश्यों के अनुरूप काम कर रहा है।
प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन घटकों का इन-हाउस निर्माण
मरक्युरी ईवी-टेक अपनी निर्माण प्रक्रिया में इन-हाउस उत्पादन पर भी जोर देती है। कंपनी के अनुसार, इससे उत्पादों की गुणवत्ता और लागत पर बेहतर नियंत्रण रखने में मदद मिलती है तथा बाहरी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता कम होती है।
कंपनी ईवी बैटरी, चेसिस और मोटर कंट्रोलर जैसे प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन घटकों का निर्माण अपने स्तर पर करती है। इन गतिविधियों को कंपनी के कैथोडिक इलेक्ट्रोडिपॉजिटेड (सीईडी) कोटिंग प्लांट का समर्थन प्राप्त है।
कंपनी का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहन के अलग-अलग घटकों से लेकर पूरे वाहन के निर्माण तक एकीकृत विनिर्माण व्यवस्था विकसित करने पर ध्यान दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य भारत में स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था के विकास में योगदान देना है।
बाजार विस्तार की रणनीति को मिलेगा समर्थन
मरक्युरी ईवी-टेक के लिए नए डीलरों की नियुक्ति, गुजरात में सब्सिडी पात्रता और विनिर्माण क्षमताओं का विस्तार एक साथ आगे बढ़ाए जा रहे प्रमुख कदम हैं। कंपनी का लक्ष्य इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों के साथ व्यावसायिक चारपहिया वाहनों के क्षेत्र में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाना है।
मार्च 2027 तक 200 और डीलर जोड़ने की योजना पूरी होने पर कंपनी का वितरण नेटवर्क और विस्तृत हो सकेगा। वहीं, गुजरात में सब्सिडी योजना के तहत पात्रता से ग्राहकों को खरीद में आर्थिक सुविधा मिल सकती है। कंपनी इन पहलों के माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहन कारोबार को आगे बढ़ाने और देश में स्वच्छ परिवहन के विस्तार में योगदान देने की दिशा में काम कर रही है।
