पहले मुकाबले में वरुण चक्रवर्ती ने अपने चार ओवर के स्पेल में केवल 16 रन दिए और एक विकेट हासिल किया। भारत ने यह मुकाबला सात विकेट से जीता था। मैच में उनके प्रदर्शन के बाद वह टीम के अहम गेंदबाजों में नजर आए, लेकिन मुकाबला समाप्त होने के बाद उनकी चोट की जानकारी सामने आई। इसके बाद उन्हें पूरी सीरीज से बाहर होना पड़ा।
वरुण के बाहर होने से कप्तान श्रेयस अय्यर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। टीम को अब अफगानिस्तान के खिलाफ बाकी मुकाबलों में उनके विकल्प पर फैसला करना होगा। वरुण का बाहर होना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह लंबे समय के बाद मैदान पर वापसी करने के बाद इस सीरीज में उतरे थे।
वरुण चक्रवर्ती के लिए 2026 का साल चोटों के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रहा है। आईपीएल के दौरान उनके पैर के अंगूठे में फ्रैक्चर हुआ था। इस चोट के कारण वह आयरलैंड दौरे पर टीम का हिस्सा नहीं बन सके थे। इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में वापसी की थी।
इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में भी वरुण की फिटनेस ज्यादा समय तक उनका साथ नहीं दे सकी। तीसरे मुकाबले के बाद उन्हें हैमस्ट्रिंग यानी मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या हुई और उन्हें दोबारा टीम से बाहर होना पड़ा। इसके बाद फिटनेस हासिल करने के लिए उन्हें लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा।
अफगानिस्तान सीरीज के लिए चयन से पहले वरुण ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैब प्रक्रिया पूरी की थी। इसके अलावा घरेलू क्रिकेट में अपनी फिटनेस साबित करने के बाद उन्हें टीम में शामिल किया गया था। ऐसे में वापसी के तुरंत बाद फिर चोटिल होना उनके लिए निराशाजनक स्थिति है।
दिल्ली में पहले टी20 मैच के बाद वरुण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी हिस्सा लिया था। उस समय उनकी नई चोट की जानकारी सामने नहीं आई थी। चोटों को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा था कि खिलाड़ियों के लिए चोट लगना आम बात है। उनके मुताबिक, यह बताता है कि खिलाड़ी कितनी मेहनत कर रहे हैं और अपनी सीमाओं से आगे जाकर खेल रहे हैं।
वरुण ने यह भी कहा था कि जब शरीर जवाब देने लगता है तो खिलाड़ियों को थोड़ा पीछे हटना पड़ता है, ताकि वे और मजबूत होकर वापसी कर सकें। अब एक बार फिर चोट के कारण उन्हें मैदान से बाहर होना पड़ा है।
19 सितंबर से एशियन गेम्स शुरू होने हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट की कोशिश होगी कि वरुण चक्रवर्ती जल्द फिट हों और उपलब्ध होने पर टीम का हिस्सा बनें। अफगानिस्तान सीरीज से उनके बाहर होने के बाद उनकी फिटनेस पर आगे भी नजर बनी रहेगी।
