Gen AI ऐसे सिस्टम हैं जो सवालों के आधार पर टेक्स्ट तस्वीरें विचार और कई तरह की सामग्री तैयार कर सकते हैं। बच्चों के लिए इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि उन्हें किसी विषय को समझने में तुरंत मदद मिल सकती है। कठिन सवालों को आसान भाषा में समझाना हो किसी विषय पर नए विचार चाहिए हों या किसी प्रोजेक्ट की शुरुआत करनी हो AI उपयोगी साबित हो सकता है। इससे बच्चों को सीखने के नए तरीके मिल रहे हैं और वे अपनी जिज्ञासा से जुड़े सवालों के जवाब तेजी से तलाश सकते हैं।
लेकिन चिंता उस समय बढ़ती है जब बच्चा खुद सोचने और जवाब तैयार करने के बजाय हर काम के लिए AI पर निर्भर होने लगे। रचनात्मकता केवल सही उत्तर हासिल करने का नाम नहीं है बल्कि किसी विषय पर अपनी सोच विकसित करना नए विचार पैदा करना और अलग तरीके से समस्या का समाधान तलाशना भी इसका हिस्सा है। यदि बच्चे हर सवाल का तैयार जवाब AI से लेने लगें तो उनके भीतर विचार करने और गलतियों से सीखने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
स्कूलों में इसी वजह से AI के इस्तेमाल को पूरी तरह रोकने के बजाय उसके सही और जिम्मेदार उपयोग पर जोर देने की चर्चा हो रही है। बच्चों को यह समझाना जरूरी है कि AI एक सहायक माध्यम हो सकता है लेकिन उनकी अपनी सोच का विकल्प नहीं। उदाहरण के तौर पर किसी कहानी का पूरा लेख AI से तैयार कराने के बजाय बच्चा पहले खुद कहानी की रूपरेखा तैयार कर सकता है और फिर AI की मदद से अपने विचारों को बेहतर तरीके से व्यवस्थित कर सकता है। इस तरह तकनीक का इस्तेमाल भी होगा और बच्चे की रचनात्मक क्षमता भी बनी रहेगी।
शिक्षकों की भूमिका भी इस बदलाव में महत्वपूर्ण हो जाती है। स्कूलों में ऐसे प्रोजेक्ट और गतिविधियां कराई जा सकती हैं जिनमें बच्चों को अपने विचार प्रस्तुत करने और अपनी प्रक्रिया समझाने का मौका मिले। इससे यह पता लगाने में भी मदद मिल सकती है कि विद्यार्थी ने किसी विषय को वास्तव में समझा है या केवल AI से तैयार सामग्री का इस्तेमाल किया है।
AI का इस्तेमाल बच्चों के लिए अवसर भी है और चुनौती भी। सही दिशा में इस्तेमाल किया जाए तो Gen AI सीखने की प्रक्रिया को अधिक रोचक और व्यक्तिगत बना सकता है। लेकिन अगर इसका इस्तेमाल बिना सोचे समझे हर काम का आसान रास्ता तलाशने के लिए किया जाए तो बच्चों की स्वतंत्र सोच प्रभावित होने का खतरा हो सकता है। इसलिए जरूरी यह नहीं कि बच्चों को AI से पूरी तरह दूर रखा जाए बल्कि उन्हें यह सिखाया जाए कि तकनीक का इस्तेमाल अपनी सोच को मजबूत करने के लिए कैसे किया जाए। आने वाले समय में वही शिक्षा ज्यादा प्रभावी होगी जिसमें AI की ताकत के साथ बच्चों की कल्पना जिज्ञासा और अपनी सोच को भी बराबर महत्व दिया जाएगा।
