शनिवार को सोशल मीडिया पर थलपति विजय और अभिनेता अजित का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में दोनों काफी सहज और दोस्ताना अंदाज में नजर आए। बताया जा रहा है कि अजित इन दिनों लंदन में मोटर रेसिंग से जुड़े कार्यक्रम में मौजूद हैं। विजय की उनसे मुलाकात के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। डीएमके प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने मुख्यमंत्री की विदेश यात्रा पर सवाल उठाते हुए कहा कि विजय ने लंदन जाकर निवेश लाने की बात कही थी लेकिन अब तस्वीर सामने है कि वह अपने दोस्त की कार रेस देखने भी पहुंचे हैं।
डीएमके विधायक मार्कंडेयन ने भी विजय की लंदन यात्रा को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में किसानों और मछुआरों समेत कई वर्गों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे मौजूद हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री को पहले राज्य की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए था। उनके मुताबिक निवेशकों से मुलाकात कुछ समय के लिए टाली भी जा सकती थी लेकिन राज्य के लोगों से जुड़े मुद्दे अधिक प्राथमिकता वाले हैं।
हालांकि विजय की पार्टी टीवीके ने डीएमके के आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया है। पार्टी प्रवक्ता नारायणन ने कहा कि मुख्यमंत्री अपने काम पर ध्यान दे रहे हैं और विदेश दौरे के दौरान किसी परिचित या दोस्त से मुलाकात करना कोई गलत बात नहीं है। उन्होंने कहा कि अजित केवल तमिल फिल्मों के बड़े अभिनेता ही नहीं बल्कि मोटर रेसिंग की दुनिया में भी अपनी पहचान रखते हैं। ऐसे में उनसे मुलाकात को तमिलनाडु की ब्रांड वैल्यू से जोड़कर देखा जाना चाहिए।
दरअसल थलपति विजय की लंदन यात्रा को तमिलनाडु में मोटर स्पोर्ट्स से जुड़ी बड़ी योजना से भी जोड़कर देखा जा रहा है। चेन्नई में एक आधुनिक मोटर स्पोर्ट्स सिटी बनाने की योजना पर विचार किया जा रहा है। इसी सिलसिले में ब्रिटेन में मौजूद विश्वस्तरीय मोटर स्पोर्ट्स सुविधाओं और व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी यात्रा का हिस्सा बताया जा रहा है।
विजय के साथ अभिनेत्री तृषा के नजर आने और अजित के साथ उनकी मुलाकात के वीडियो वायरल होने के बाद मामला अब केवल फिल्मी दुनिया तक सीमित नहीं रहा है। मुख्यमंत्री की यात्रा को लेकर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो चुकी है। एक तरफ डीएमके इसे सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाने का मुद्दा बना रही है तो दूसरी तरफ टीवीके इसे मुख्यमंत्री के कामकाज और तमिलनाडु की वैश्विक पहचान से जोड़कर देख रही है। ऐसे में विजय की लंदन यात्रा आने वाले दिनों में तमिलनाडु की राजनीति में और चर्चा का विषय बन सकती है।
