रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म ने 35 दिनों में करीब 193 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया था। इसके बाद 36वें दिन भी फिल्म की कमाई का सिलसिला जारी रहा और घरेलू बॉक्स ऑफिस पर यह 200 करोड़ रुपये से ज्यादा के ग्रॉस आंकड़े को पार कर गई। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म के 36वें दिन भी बड़ी संख्या में शो चल रहे थे।
फिल्म की सबसे खास बात इसका बेहद कम बजट है। जहां बड़े प्रोजेक्ट्स में हजारों करोड़ रुपये तक खर्च किए जा रहे हैं वहीं हनुमान अंश करीब 2 करोड़ रुपये में तैयार हुई। इसके बावजूद फिल्म का कलेक्शन उसके बजट से कई गुना ज्यादा पहुंच गया। यही वजह है कि अब इसकी तुलना बड़े बजट की आने वाली फिल्मों से भी की जा रही है।
हनुमान अंश की सफलता सिर्फ कमाई तक सीमित नहीं है। फिल्म की शुरुआत धीमी होने के बावजूद दर्शकों ने इसे धीरे धीरे अपनाया। फिल्म को बड़े स्टार सिस्टम का सहारा नहीं मिला था और न ही शुरुआत में बड़े पैमाने पर प्रचार हुआ था। इसके बावजूद दर्शकों की प्रतिक्रिया ने फिल्म को आगे बढ़ाया।
फिल्म की सफलता में इसकी आध्यात्मिक कहानी को भी अहम माना जा रहा है। नीम करोली बाबा से जुड़ी आस्था और उनके जीवन से प्रेरित प्रसंगों ने खासतौर पर श्रद्धालुओं और आध्यात्मिक विषयों में रुचि रखने वाले दर्शकों को आकर्षित किया। फिल्म की चर्चा सोशल मीडिया और दर्शकों के बीच बढ़ती गई और यही चर्चा इसके लिए सबसे बड़ा प्रचार बन गई।
अब इस फिल्म की सफलता को बड़े बजट वाली फिल्मों के लिए एक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। खासकर 4000 करोड़ रुपये के भारी भरकम बजट वाली रामायण जैसे बड़े प्रोजेक्ट के सामने हनुमान अंश का उदाहरण यह सवाल जरूर खड़ा करता है कि क्या बॉक्स ऑफिस पर सिर्फ बजट ही सबसे बड़ा हथियार है। हालांकि दोनों फिल्मों का विषय पैमाना और निर्माण अलग है इसलिए सीधी तुलना करना सही नहीं होगा।
फिर भी हनुमान अंश ने यह साबित कर दिया है कि कम बजट में बनी फिल्म भी मजबूत कहानी और दर्शकों के भरोसे के दम पर बड़ी व्यावसायिक सफलता हासिल कर सकती है। फिल्म की अंतरराष्ट्रीय रिलीज भी 11 सितंबर से शुरू हो चुकी है जिससे अब इसकी कमाई और आगे बढ़ने की उम्मीद की जा रही है।
