पश्चिम बंगाल विधानसभा के बाहर बागी टीएमसी के प्रवक्ता रिजु दत्ता ने कहा कि उनका गुट चाहता है कि ममता बनर्जी नंदीग्राम से चुनाव लड़ें, जीतें और विधानसभा में वापस लौटें। उन्होंने स्पष्ट किया कि ममता के सामने उनका गुट प्रत्याशी नहीं उतारेगा।
‘भाजपा विरोधी वोट नहीं बंटने देंगे’
बागी टीएमसी विधायक मदन मित्रा ने कहा कि ममता बनर्जी के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला भाजपा विरोधी वोटों को विभाजित होने से रोकने के लिए लिया गया है।
मदन मित्रा ने कहा कि अगर उनका गुट भाजपा की ‘बी टीम’ होता तो विपक्षी वोटों को बांटने के लिए दो के बजाय तीन या चार उम्मीदवार मैदान में उतार सकता था। उनके मुताबिक नंदीग्राम में ममता को वॉकओवर देने का फैसला यह दिखाएगा कि उनका गुट भाजपा के इशारे पर काम नहीं कर रहा है।
नंदीग्राम में पहले हार चुकी हैं ममता
नंदीग्राम ममता बनर्जी के राजनीतिक सफर में बेहद महत्वपूर्ण सीट रही है। 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपने तत्कालीन करीबी सहयोगी और भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ यहां से चुनाव लड़ा था। हालांकि, उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
2026 के विधानसभा चुनाव में भी शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम से जीत हासिल की। उन्होंने ममता बनर्जी को उनके गृह क्षेत्र भवानीपुर में भी हराया। इस चुनाव के बाद शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम विधानसभा सीट खाली कर दी। इसी वजह से अब नंदीग्राम में उपचुनाव कराया जा रहा है।
पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह पर भी घमासान
बागी गुट का यह ऐलान ऐसे समय हुआ है, जब टीएमसी के दोनों धड़ों के बीच पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह पर अधिकार को लेकर विवाद चल रहा है। चुनाव आयोग ने अभी फैसला नहीं किया है कि आधिकारिक नाम और चुनाव चिन्ह किस गुट को मिलेगा।
रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला बागी गुट पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह पर अपना दावा कर रहा है। उसका कहना है कि अगर नामांकन की अंतिम तारीख से पहले चुनाव आयोग उसके पक्ष में फैसला नहीं करता है तो वह निर्दलीय उम्मीदवारों के तौर पर चुनाव लड़ने की तैयारी भी कर रहा है।
6 अक्टूबर को नंदीग्राम में वोटिंग
नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है। बुधवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 16 सितंबर है। 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 19 सितंबर तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे। मतगणना 9 अक्टूबर को होगी।
