मुख्यमंत्री ने निवेशकों के सामने मध्य प्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं को रखते हुए कहा कि राज्य देश के मध्य में स्थित होने के कारण सड़क, रेल और हवाई संपर्क के लिहाज से सुविधाजनक स्थिति में है। उन्होंने प्रदेश में उपलब्ध औद्योगिक अधोसंरचना, पर्याप्त ऊर्जा और कुशल मानव संसाधन को निवेश के लिए महत्वपूर्ण आधार बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार मध्य प्रदेश से देश के विभिन्न हिस्सों तक उत्पादों की पहुंच सुगम और त्वरित है।
क्रेसेंट एंटरप्राइजेज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बद्र जाफर के साथ बैठक में वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और प्रमुख उत्पादन क्लस्टर्स से जुड़े अवसरों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने तकनीक आधारित उद्यमशीलता और स्टार्टअप क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने की बात कही। जाफर ने शहरी अधोसंरचना, सूचना प्रौद्योगिकी, संसाधनों के प्रभावी उपयोग और तकनीक हस्तांतरण में दीर्घकालिक निवेश में रुचि दिखाई। ऊर्जा और तकनीक में नवाचार पर भी चर्चा हुई।
डीपी वर्ल्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिजवान सूमार के साथ बैठक में लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन पर बातचीत हुई। मुख्यमंत्री ने पोवारखेड़ा लॉजिस्टिक्स कंपोजिट हब को अंतरदेशीय लॉजिस्टिक्स के प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में विकसित करने की संभावना बताई। मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और कोल्ड चेन सुविधाओं के माध्यम से किसानों, एफपीओ, एमएसएमई और उद्योगों को बेहतर व्यापार तथा निर्यात सहायता देने पर चर्चा हुई।
राणा होल्डिंग्स के चेयरमैन-मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. दर्शन सिंह राणा के साथ बैठक में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, ई-मोबिलिटी और कृषि मशीनरी में निवेश संभावनाओं पर चर्चा हुई।
जेम्स एजुकेशन कंपनी के चेयरमैन-फाउंडर सनी वर्की के साथ बैठक में शिक्षा क्षेत्र में निवेश पर विचार हुआ। कंपनी ने मध्य प्रदेश के प्रमुख और विकासशील शहरों में अंतरराष्ट्रीय स्तर के K-12 स्कूल कैंपस स्थापित करने में रुचि दिखाई। इन संस्थानों में विद्यार्थियों के कौशल विकास के साथ स्थानीय जरूरतों और भविष्य की शिक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय पाठ्यक्रम लागू करने की योजना पर चर्चा हुई।
ब्यूमर्क कॉर्पोरेशन के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और सीईओ सिद्धार्थ बालाचंद्रन ने इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थकेयर, तकनीक और ग्रीन एनर्जी सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की इच्छा जताई।
शराफ ग्रुप के प्रेसिडेंट-सीईओ श्याम कपूर के साथ शिपिंग, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन पर चर्चा हुई। इंदौर और पीथमपुर क्षेत्र में रेल-साइडिंग वाले लॉजिस्टिक्स पार्क की स्थापना के प्रस्ताव पर विचार हुआ। इसमें 30 से 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश और करीब 300 से 600 रोजगार अवसरों की संभावना बताई गई।
वीएफएस ग्लोबल के वैश्विक प्रमुख अमित साइचर के साथ वीजा सेवाओं, पर्यटन, रोजगार और युवाओं के कौशल विकास पर चर्चा हुई। भोपाल और इंदौर में वीजा आवेदन सेवाओं का विस्तार करने तथा युवाओं के लिए यात्रा, पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर विचार किया गया।
चोइथराम समूह के अध्यक्ष एल.टी. पगरानी के साथ आधुनिक व्यापारिक अधोसंरचना और रिटेल क्षेत्र में निवेश पर चर्चा हुई। समूह मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों में सुपरमार्केट और आधुनिक किराना रिटेल केंद्र स्थापित करने का इच्छुक है। साथ ही स्थानीय किसानों और उत्पादकों से कृषि तथा प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की खरीद, खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग और निजी लेबल विनिर्माण को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
