घटना के बाद आसपास रहने वाले लोगों में अफरा तफरी मच गई। मकान का हिस्सा गिरने की आवाज सुनकर बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे। देखते ही देखते सड़क और मकान के आसपास मलबा फैल गया था। स्थानीय लोगों ने परिवार की मदद करते हुए मलबा हटाने का काम शुरू किया। मलबे में दबे वाहनों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। इस दौरान सामने आया कि तीनों मोटरसाइकिलों को काफी नुकसान पहुंचा है।
मकान मालिक सुनील रजक के मुताबिक पिछले चार दिनों से शिवपुरी में लगातार तेज बारिश हो रही थी। बारिश का पानी मकान की दीवारों और निर्माण वाले हिस्सों में लगातार पहुंच रहा था। इससे मकान का पिछला हिस्सा धीरे धीरे कमजोर हो गया। मंगलवार शाम अचानक मकान की संरचना ने जवाब दे दिया और छज्जे के साथ बाथरूम तथा पीछे का हिस्सा भरभराकर गिर गया। हादसा इतनी तेजी से हुआ कि परिवार को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हालांकि किस्मत अच्छी रही कि उस समय कोई व्यक्ति उस हिस्से में मौजूद नहीं था।
मकान का हिस्सा गिरने से केवल भवन को ही नुकसान नहीं हुआ बल्कि वहां खड़ी तीन मोटरसाइकिलें भी मलबे में दब गईं। परिवार के मुताबिक तीनों बाइक की कुल कीमत करीब ढाई लाख रुपए है। इसके अलावा मकान के अंदर रखा सामान भी मलबे में दब गया जिससे नुकसान और बढ़ गया। मकान के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत और दोबारा निर्माण में करीब ढाई लाख रुपए का खर्च आने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस तरह मकान और मोटरसाइकिलों को मिलाकर करीब पांच लाख रुपए के नुकसान की आशंका है।
बारिश के कारण मकान की स्थिति पहले से कमजोर होने की बात सामने आने के बाद स्थानीय लोगों के बीच भी चिंता बढ़ गई है। लगातार बारिश के दौरान पुराने और कमजोर मकानों को लेकर खतरा बढ़ जाता है। खासकर ऐसे मकानों में जहां दीवारों में पहले से दरारें हों या पानी लगातार रिस रहा हो वहां अचानक हिस्सा गिरने की आशंका बनी रहती है। नवाब साहब रोड की घटना ने भी इसी खतरे की ओर ध्यान खींचा है।
हादसे के बाद प्रभावित परिवार ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कराने की मांग की है। परिवार चाहता है कि राजस्व और नगर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर वास्तविक नुकसान का आकलन करे। इसके साथ ही नियमानुसार राहत और मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। परिवार का कहना है कि बारिश के कारण हुए इस नुकसान ने आर्थिक परेशानी बढ़ा दी है और मकान के क्षतिग्रस्त हिस्से को दोबारा सुरक्षित बनाने के लिए बड़ी रकम की जरूरत होगी।
फिलहाल घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने की जानकारी नहीं है। लेकिन जिस तरह मकान का बड़ा हिस्सा अचानक गिरा उसने आसपास रहने वाले लोगों को जरूर डरा दिया है। चार दिन की बारिश के बाद सामने आई इस घटना ने यह भी साफ कर दिया है कि लगातार बारिश के बीच कमजोर भवनों की स्थिति की जांच बेहद जरूरी है ताकि किसी अगले हादसे से पहले जरूरी कदम उठाए जा सकें।
