सैफ के मुताबिक, अब वह अपने करियर में थोड़ा बदलाव करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उम्र और अनुभव के साथ फिल्में चुनने का नजरिया भी बदलता है। वह ऐसी कहानियां करना चाहते हैं, जिनमें सस्पेंस, थ्रिल और मजबूत किरदार हों। उन्होंने अजय देवगन की दृश्यम जैसी फिल्मों का उदाहरण देते हुए कहा कि अब वह उसी तरह के परिपक्व विषयों वाली फिल्मों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उनके लिए हैवान का किरदार इसलिए खास है क्योंकि वह केवल सहानुभूति पाने वाला व्यक्ति नहीं है, बल्कि उसमें अपनी परिस्थितियों से लड़ने की क्षमता भी है।
फिल्म में सैफ का किरदार नेत्रहीन है, लेकिन उसकी सुनने की क्षमता असाधारण है। वह हवा में उछली गेंद तक पकड़ सकता है। उसकी मां ने उसे संगीत और वायलिन की शिक्षा दी है, जबकि उसके पिता ने उसे मार्शल आर्ट सिखाया है। यही खूबियां उसके किरदार को सामान्य कमजोर या असहाय व्यक्ति से अलग बनाती हैं। सैफ ने माना कि ऐसे किरदार उन्हें कम ही मिले हैं और इस भूमिका को निभाने में उन्हें काफी आनंद आया।
हैवान में सैफ के सामने अक्षय कुमार एक अलग और नकारात्मक अंदाज में नजर आएंगे। दोनों कलाकार इससे पहले साथ काम कर चुके हैं, लेकिन इस बार उनकी भूमिकाओं का समीकरण बिल्कुल अलग है। सैफ ने बताया कि अक्षय का फिल्म में शामिल होना उनके लिए किसी तोहफे से कम नहीं था। दूसरे प्रमुख किरदार के लिए कलाकार की तलाश चल रही थी, तभी अक्षय ने स्वयं इस भूमिका को निभाने की इच्छा जताई। नकारात्मक किरदार होने के बावजूद उन्होंने इसे चुनौती के रूप में स्वीकार किया।
फिल्म के एक्शन दृश्यों की शूटिंग के दौरान सैफ को एक हादसे का सामना भी करना पड़ा। एक दृश्य में पुलिसकर्मी को उन्हें कांच के सामने धक्का देना था। निर्देश के मुताबिक धक्का ज्यादा तेज नहीं होना था, लेकिन शूटिंग के दौरान जोर कुछ अधिक लग गया। इसके बाद पूरा कांच टूट गया और सैफ उसके सामने गिर पड़े। उन्होंने बताया कि उस समय उन्हें गंभीर चोट का एहसास नहीं हुआ, लेकिन बाद में शरीर पर पड़े असर का पता चला और उन्हें करीब दो दिन आराम करना पड़ा।
सैफ ने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ एक्शन करना पहले की तुलना में अधिक मेहनत वाला काम हो गया है। कलाकारों से अब भी युवा उम्र जैसी ऊर्जा और स्टंट की उम्मीद की जाती है, लेकिन शरीर पर उसका असर पड़ता है। इसके बावजूद सैफ को एक्शन करना पसंद है। उन्होंने फिल्म में पुलिस स्टेशन के अंदर फिल्माए गए एक्शन दृश्य को अपने पसंदीदा दृश्यों में बताया। अक्षय के साथ फाइट भी फिल्म का अहम हिस्सा है।
ओटीटी के अनुभव को लेकर सैफ ने कहा कि लंबे फॉर्मेट में कलाकार को किरदार को गहराई से समझने और उसे लंबे समय तक जीने का अवसर मिलता है। सेक्रेड गेम्स जैसे प्रोजेक्ट में लंबे समय तक एक ही भूमिका निभाने से उन्हें अपने अभिनय में बदलाव और गहराई महसूस हुई। उनका मानना है कि ओटीटी और बड़े पर्दे दोनों के अपने फायदे हैं और कलाकार को दोनों माध्यमों में अच्छे अवसर मिलने चाहिए।
आने वाले प्रोजेक्ट को लेकर सैफ ने कियारा आडवाणी के साथ संभावित फिल्म पर भी बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी बातचीत चल रही है और फिल्म साइन होने के बाद ही वह इसके बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।
