नई दिल्ली। बैंकिंग सेवाओं (Banking services) को सुरक्षित (Safe) बनाने और डिजिटल फ्रॉड (Digital fraud) रोकने के लिए बैंकों में एआई मॉडल (AI Model) जल्द लागू होगा। धोखाधड़ी को समय रहते पहचानने के लिए डिजिटल पेमेंट्स इंटलीजेंस प्लेटफार्म सिस्टम (Digital Payments Intelligence Platform System) बड़े पैमाने पर लागू होगा।
सरकार सामाजिक कल्याण योजनाओं से लेकर एमएसएमई ऋण बाजार तक डिजिटल धोखाधड़ी की रोकथाम की कोशिश कर रही है। इससे वित्तीय क्षेत्र में एआई और मशीन लर्निंग के जरिये जवाबदेही, पारदर्शिता और साइबर सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
आरबीआई एआई और मशीन लर्निंग से जुड़े सभी सुरक्षा मॉडलों को इसमें शामिल करने की तैयारी में है। थर्ड पार्टी एआई से उत्पन्न जोखिम को भी ध्यान में रखा जाएगा। ग्राहकों के सीधे संपर्क में आने वाली एआई प्रणालियों के लिए अतिरिक्त साइबर सुरक्षा उपाय लागू होंगे।
