कार पर करीब 3400 किस के निशान बनाए जाने का दावा किया गया है। इस अनोखे तरीके से कार को सजाने का उद्देश्य सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान आकर्षित करना और रील को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना था। कार से जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद उसे करीब 55 लाख से ज्यादा व्यूज मिलने की बात सामने आई है।
आदित्य के अनुसार, कार को अलग रूप देने का विचार उनकी तीन महिला मित्रों ने मिलकर दिया था। इसके बाद उन्होंने कार की बाहरी सतह पर लिपस्टिक के जरिए किस के निशान बनाए। इस गतिविधि को सोशल मीडिया कंटेंट के तौर पर तैयार किया गया था। वीडियो के वायरल होने के बाद कार की तस्वीरें और वीडियो लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गए।
हालांकि, सोशल मीडिया पर लोकप्रियता मिलने के साथ ही यह कार पुलिस की नजर में भी आ गई। पुलिस ने वाहन पर किए गए बदलाव को यातायात नियमों से जोड़कर कार्रवाई की। इसके तहत कार मालिक पर 5500 रुपये का चालान लगाया गया। पुलिस की कार्रवाई के बाद कार से किस के सभी निशान साफ भी करवाए गए।
मामले में मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वाहन में ऐसा बदलाव जिससे उसके मूल स्वरूप या पंजीकरण संबंधी विवरण पर असर पड़ता है, नियमों के तहत जांच के दायरे में आ सकता है। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 52 वाहन में अनधिकृत बदलाव से संबंधित प्रावधानों को निर्धारित करती है।
नियमों के अनुसार, वाहन में किसी तरह का ऐसा परिवर्तन नहीं किया जाना चाहिए जो उसके मूल स्वरूप को बदल दे या पंजीकरण प्रमाणपत्र में दर्ज विवरण से अलग हो। निर्धारित प्रक्रिया के तहत बदलाव की अनुमति और संबंधित प्राधिकरण को सूचना देने की व्यवस्था भी कानून में दी गई है।
इस मामले में पुलिस की कार्रवाई का केंद्र कार पर बनाए गए किस के निशान मात्र नहीं, बल्कि वाहन के बाहरी स्वरूप में किए गए बदलाव और उससे जुड़े नियम हैं। सोशल मीडिया के लिए वाहन को अलग रूप देने की कोशिश यदि निर्धारित नियमों के विपरीत हो, तो वाहन मालिक पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
मोटर वाहन अधिनियम में नियमों के उल्लंघन के लिए अलग-अलग दंड का प्रावधान है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कुछ परिस्थितियों में वाहन में अनधिकृत परिवर्तन के मामले में जुर्माने के साथ छह महीने तक की सजा का प्रावधान भी लागू हो सकता है। वहीं सामान्य उल्लंघनों के लिए अलग दंड निर्धारित हैं।
ग्वालियर की इस घटना ने सोशल मीडिया कंटेंट तैयार करने के दौरान वाहनों में किए जाने वाले बदलावों को लेकर भी चर्चा बढ़ाई है। वायरल वीडियो और अधिक व्यूज हासिल करने के उद्देश्य से किए गए प्रयोग के बावजूद वाहन मालिक को नियमों का पालन करना जरूरी है। पुलिस की कार्रवाई के बाद यह मामला सोशल मीडिया लोकप्रियता और यातायात नियमों के बीच संतुलन का उदाहरण बनकर सामने आया है।
