बीसीसीआई ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि कुलदीप यादव वायरल बीमारी से पूरी तरह ठीक नहीं हुए हैं। इसी कारण उन्हें श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट की प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया है। हालांकि जरूरत पड़ने पर वह कन्कशन सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान पर उतर सकते हैं। यानी टीम में उनकी मौजूदगी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है लेकिन सामान्य परिस्थितियों में वह इस टेस्ट में गेंदबाजी या बल्लेबाजी करते नजर नहीं आएंगे।
कप्तान शुभमन गिल ने भी टॉस के दौरान कुलदीप की स्थिति को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दुर्भाग्य से कुलदीप को इन्फेक्शन हो गया है और इसी कारण वह इस मुकाबले का हिस्सा नहीं हैं। कुलदीप का बाहर होना भारतीय टीम के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि वह टीम के प्रमुख स्पिन विकल्पों में शामिल हैं और टेस्ट क्रिकेट में अपनी विविधतापूर्ण गेंदबाजी से बल्लेबाजों के लिए लगातार परेशानी खड़ी करते रहे हैं।
कुलदीप यादव इससे पहले गाले में खेले गए पहले टेस्ट का हिस्सा थे। हालांकि उस मुकाबले में उनका प्रदर्शन अपेक्षा के मुताबिक प्रभावी नहीं रहा और उन्हें केवल एक विकेट मिला था। दूसरे टेस्ट से पहले यह चर्चा थी कि टीम मैनेजमेंट उन्हें आराम देकर किसी दूसरे स्पिन विकल्प को मौका दे सकता है। लेकिन अब बीसीसीआई ने स्पष्ट कर दिया है कि कुलदीप के बाहर रहने की मुख्य वजह उनकी बीमारी है।
कुलदीप की अनुपस्थिति में भारतीय टीम ने मध्यप्रदेश के अनुभवी ऑलराउंडर सारांश जैन को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया है। यह सारांश के अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला मुकाबला है। 33 वर्षीय सारांश लंबे समय से घरेलू क्रिकेट में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं और मध्यप्रदेश की टीम के लिए उनके प्रदर्शन को काफी महत्वपूर्ण माना जाता रहा है। उन्होंने टीम को रणजी ट्रॉफी का पहला खिताब दिलाने के सफर में भी अहम भूमिका निभाई थी।
सारांश जैन बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं और दाएं हाथ से ऑफ स्पिन गेंदबाजी करते हैं। ऐसे में भारतीय टीम को उनसे बल्ले और गेंद दोनों से उपयोगी योगदान की उम्मीद होगी। कुलदीप की गैरमौजूदगी में सारांश के पास खुद को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मंच पर साबित करने का बड़ा मौका है। कोलंबो की परिस्थितियों में उनकी ऑफ स्पिन भारतीय टीम के लिए कितनी उपयोगी साबित होती है और डेब्यू मैच में वह कैसा प्रदर्शन करते हैं इस पर क्रिकेट प्रशंसकों की नजर रहेगी।
