नई ई-बसों के संचालन से कोलार रोड बावड़ियाकलां बैरागढ़ एमपी नगर और ISBT जैसे प्रमुख इलाकों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। खास बात यह है कि तीनों प्रमुख रूट एमपी नगर से होकर गुजरते हैं। ऐसे में शहर के अलग अलग हिस्सों से एमपी नगर आने जाने वाले यात्रियों को ज्यादा विकल्प मिल सकेंगे। एमपी नगर शहर का प्रमुख व्यावसायिक और शैक्षणिक क्षेत्र होने के कारण यहां रोजाना बड़ी संख्या में कर्मचारी और विद्यार्थी पहुंचते हैं।
वर्तमान में संचालित तीन रूट शहर के बड़े हिस्से को जोड़ रहे हैं। B35 रूट चिरायु अस्पताल और बैरागढ़ से आकृति ईको सिटी सलैया तक जाता है। इस रूट में लालघाटी कलेक्ट्रेट हमीदिया अस्पताल रॉयल मार्केट पीर गेट कमला पार्क रोशनपुरा बोर्ड ऑफिस एमपी नगर मेट्रो स्टेशन विट्ठन मार्केट 1100 क्वार्टर रोहित नगर और बावड़िया चौराहा जैसे प्रमुख स्थान शामिल हैं। वहीं B36 रूट कोच फैक्ट्री से कोलार रोड तक संचालित होता है। यह रेलवे स्टेशन अशोका गार्डन सुभाष नगर बोर्ड ऑफिस एमपी नगर मेट्रो स्टेशन बंसल अस्पताल चूनाभट्टी मंदाकिनी चौराहा और गेहूंखेड़ा जैसे इलाकों को जोड़ता है।
B37 रूट बैरागढ़ ई बस डिपो से ISBT तक जाता है। इस मार्ग में बैरागढ़ मार्केट लालघाटी कलेक्ट्रेट हमीदिया अस्पताल रॉयल मार्केट नादरा बस स्टैंड भोपाल रेलवे स्टेशन का प्लेटफॉर्म नंबर 6 जहांगीराबाद मिंटो हॉल वल्लभ भवन विंध्याचल जिला न्यायालय DB मॉल और चेतक ब्रिज जैसे प्रमुख स्थान आते हैं। इस तरह तीनों रूट शहर के पश्चिमी हिस्से से लेकर मध्य और पूर्वी इलाकों तक यात्रियों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
ई बसों का न्यूनतम किराया करीब 6 से 7 रुपए है जबकि अधिकतम किराया 40 रुपए तक है। फिलहाल रोजाना करीब 10 से 12 हजार यात्री इन बसों में सफर कर रहे हैं। बसों की संख्या बढ़ने के बाद यात्रियों की संख्या में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है।
इन ई बसों की खासियत सिर्फ बेहतर कनेक्टिविटी ही नहीं बल्कि यात्री सुविधाएं भी हैं। दिव्यांग यात्रियों के लिए बसों में हाइड्रोलिक डोर की सुविधा दी गई है। इसके जरिए व्हीलचेयर और ट्राइसिकल से आने वाले यात्री आसानी से बस में चढ़ और उतर सकते हैं। बस के अंदर ऐसी जगह भी बनाई गई है जहां एक साथ दो व्हीलचेयर या ट्राइसिकल खड़े किए जा सकते हैं।
भोपाल के ट्रैफिक को देखते हुए भी इन बसों को उपयोगी माना जा रहा है। इनकी लंबाई करीब 9 मीटर है जबकि सामान्य सिटी बसें 12 मीटर तक लंबी होती हैं। कम लंबाई के कारण ई बसें अपेक्षाकृत तंग सड़कों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में आसानी से चल सकती हैं। सुरक्षा के लिए प्रत्येक बस में छह CCTV कैमरे लगाए गए हैं जिनकी निगरानी डिपो में बने कंट्रोल रूम से की जा रही है। नई बसों के सड़कों पर उतरने के बाद राजधानी के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
