नई दिल्ली । केंद्रीय कर्मचारियों को जुलाई 2026 से लागू होने वाले महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का इंतजार है। सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन कर्मचारियों के बीच संभावित वृद्धि को लेकर चर्चा तेज है। मौजूदा संकेतों के आधार पर महंगाई भत्ते में 2 से 3 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
केंद्र सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में सामान्य तौर पर साल में दो बार संशोधन किया जाता है। पहला संशोधन जनवरी से और दूसरा जुलाई से प्रभावी माना जाता है। जनवरी वाले संशोधन की घोषणा आमतौर पर वर्ष की शुरुआत के बाद होती है, जबकि जुलाई वाले संशोधन का फैसला बाद के महीनों में सामने आता है।
इस बार कर्मचारियों की नजर रक्षाबंधन के अवसर पर भी बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार सितंबर की शुरुआत में महंगाई भत्ते की घोषणा करना चाहती है, तो अगस्त के अंत में इसकी जानकारी दी जा सकती है। हालांकि रक्षाबंधन के दिन ही घोषणा होने की बात अभी निश्चित नहीं है और इसे केवल संभावना के तौर पर देखा जा रहा है।
महंगाई भत्ते में संशोधन का फैसला केंद्र सरकार की कैबिनेट मंजूरी के बाद होता है। इसके लिए महंगाई और उपभोक्ता कीमतों से जुड़े आंकड़ों को आधार बनाया जाता है। महंगाई भत्ते का उद्देश्य कर्मचारियों की आय पर बढ़ती महंगाई के प्रभाव को कुछ हद तक संतुलित करना है।
मौजूदा व्यवस्था सातवें वेतन आयोग के तहत जारी है। आठवें वेतन आयोग के लागू होने तक केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में महंगाई भत्ते से संबंधित संशोधन इसी व्यवस्था के अनुसार होते रहेंगे। इसलिए जुलाई 2026 के संशोधन को लेकर कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजर सरकार के अगले फैसले पर है।
इस वर्ष पहले संशोधन में महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। इसके बाद महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया था। अब जुलाई के लिए संभावित संशोधन में भी 2 प्रतिशत की वृद्धि की संभावना बताई जा रही है। कुछ आकलनों में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के रुझानों को देखते हुए 3 प्रतिशत वृद्धि की संभावना भी जताई गई है।
यदि सरकार 3 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी देती है, तो केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता मूल वेतन का 63 प्रतिशत हो जाएगा। वहीं 2 प्रतिशत की वृद्धि होने पर यह 62 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। हालांकि अंतिम प्रतिशत और लागू होने की तारीख का फैसला सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
कर्मचारी संगठनों की ओर से भी सरकार से महंगाई भत्ते की घोषणा जल्द करने की मांग की जा रही है। कर्मचारी प्रतिनिधियों का कहना है कि त्योहारों के मौसम में कर्मचारियों को समय पर वेतन और भत्तों से जुड़े निर्णय मिलने से उन्हें आर्थिक राहत मिल सकती है।
रक्षाबंधन और ओणम जैसे त्योहारों को देखते हुए कुछ कर्मचारी संगठनों ने वेतन समय से पहले जारी करने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि यदि सितंबर में महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की योजना है, तो अगस्त के अंत तक इसकी घोषणा की जा सकती है।
फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को सरकार की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। संभावित 2 से 3 प्रतिशत वृद्धि की चर्चा के बीच सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि कैबिनेट कब निर्णय लेती है और संशोधन को किस तारीख से लागू किया जाता है। घोषणा होने के बाद कर्मचारियों को बढ़े हुए महंगाई भत्ते के साथ बकाया राशि के संबंध में भी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
