भारी बारिश को देखते हुए मैहर और डिंडौरी में स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है। डिंडौरी में आंगनवाड़ी केंद्रों को भी बंद रखा गया है। प्रशासन ने नदी नालों और जलभराव वाले इलाकों में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। मौसम विभाग की ओर से पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया था।
मैहर में बारिश के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। गुरुवार देर रात मर्जुआ नाले को पार करने की कोशिश के दौरान एक ट्रक करीब सात फीट गहरे पानी में फंस गया। ट्रक में ड्राइवर और क्लीनर मौजूद थे। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। मुकुंदपुर चौकी प्रभारी नागेश्वर मिश्रा ने पानी में उतरकर ट्रक तक पहुंचने की कोशिश की। ग्रामीणों की मदद से रस्से का सहारा लिया गया और दोनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
बारिश का असर पन्ना और चित्रकूट इलाके में भी दिखाई दे रहा है। रनेह जलप्रपात और बृहस्पति कुंड में पानी का बहाव तेज हो गया है। वहीं नर्मदा का जलस्तर बढ़ने से जबलपुर का धुआंधार जलप्रपात भी सामान्य रूप से दिखाई नहीं दे रहा है। कई स्थानों पर नदी और नालों का पानी पुलों के ऊपर से बह रहा है जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है। डिंडौरी मंडला स्टेट हाईवे पर भी पानी आने के कारण यातायात बाधित होने की स्थिति बनी है।
रीवा और सतना के कई रिहायशी इलाकों में भी पानी घुसने की खबर है। कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की जरूरत पड़ी है। जबलपुर में बरगी डैम के गेट खोले जाने से नर्मदा के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है। ऐसे हालात में प्रशासन और स्थानीय एजेंसियां निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रही हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक निवाड़ी टीकमगढ़ छतरपुर समेत 16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। इसके अलावा ग्वालियर दतिया शिवपुरी गुना अशोकनगर विदिशा रायसेन नर्मदापुरम सागर दमोह पन्ना सीधी और सिवनी में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है।
लगातार बारिश के बावजूद पूरे मानसूनी सीजन में प्रदेश में कुल बारिश अभी सामान्य से कम है। मौसम रिपोर्ट के अनुसार 20 अगस्त तक मध्य प्रदेश में करीब 599 मिलीमीटर यानी 23.6 इंच बारिश दर्ज की गई है जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश करीब 675 मिलीमीटर यानी 26.6 इंच मानी जाती है। यानी प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां धीरे धीरे मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ सकती हैं। ऐसे में पूर्वी हिस्से के बाद राज्य के दूसरे जिलों में भी बारिश का असर बढ़ने की संभावना है। लोगों को सलाह दी गई है कि तेज बारिश के दौरान नदी नालों और जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखें तथा मौसम और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर नजर रखें।
