पुनर्गठित समिति में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय, इग्नू, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली, जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल, पांडिचेरी यूनिवर्सिटी और उत्कल यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ शिक्षाविद शामिल हैं। इस 20 सदस्यीय टीम की संरचना में विविध शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले विशेषज्ञों का समावेश किया गया है, ताकि अध्ययन सामग्री को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप संतुलित और समृद्ध बनाया जा सके।
पाठ्यपुस्तक विकास दल की कमान प्रसिद्ध राजनीतिक विश्लेषक और शिक्षाविद संदीप शास्त्री को सौंपी गई है। समिति को दोनों कक्षाओं की पुस्तकों के निर्माण के लिए स्पष्ट समयसीमा प्रदान की गई है। इसके तहत कक्षा 11वीं की राजनीतिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक को 30 नवंबर 2026 तक अंतिम रूप दिए जाने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि कक्षा 12वीं की नई पुस्तक 30 जुलाई 2027 तक तैयार की जाएगी।
एनसीईआरटी की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यह पूरी प्रक्रिया स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2023 के तहत संचालित की जाएगी। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह सामाजिक विज्ञान, भारतीय ज्ञान प्रणाली, पर्यावरण शिक्षा और आधुनिक शिक्षाशास्त्र से जुड़े विभिन्न समूहों के मार्गदर्शन में कार्य करे। तैयार की जाने वाली सामग्री को अंतिम स्वीकृति देने, प्रकाशित करने और वितरित करने का दायित्व परिषद के पास ही रहेगा।
शैक्षणिक सुधारों की इस श्रृंखला के तहत मध्य प्रदेश सहित देश भर के स्कूलों में नए सत्र के अनुसार पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। नई पाठ्यपुस्तकों की समीक्षा के दौरान समावेशन, सांस्कृतिक जुड़ाव, आधुनिक मूल्यांकन पद्धतियों और भारतीय ज्ञान परंपरा से संबंधित विषयों को प्राथमिकता दी जा रही है।
अकादमिक जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि विषय विशेषज्ञों के व्यापक अनुभव से तैयार होने वाली ये नई किताबें विद्यार्थियों को राजनीतिक सिद्धांतों और भारतीय शासन व्यवस्था की गहरी समझ प्रदान करेंगी। एनसीईआरटी का प्राथमिक उद्देश्य विद्यार्थियों को अद्यतन जानकारी के साथ गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना है।
