मौसम विभाग के अनुसार, 18 से 24 अगस्त के बीच प्रदेश में बारिश का मिजाज बदलता रहेगा। 19 अगस्त को विंध्य और महाकौशल में भारी से अति भारी बारिश हुई। अब 20 से 24 अगस्त के दौरान बारिश का असर धीरे-धीरे मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ने के संकेत हैं।
चित्रकूट में गुप्त गोदावरी उफनी, गुफाएं बंद
बुधवार को पूर्वी मध्य प्रदेश में हुई भारी बारिश से कई जगह बाढ़ जैसे हालात बने। सतना के तराई क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के बाद चित्रकूट की गुप्त गोदावरी में पानी बढ़ गया। पहाड़ी का पानी गुफाओं के ऊपर से बहने लगा। सुरक्षा को देखते हुए चित्रकूट नगर परिषद ने दोनों गुफाएं बंद कर पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा दी।
सतना के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के भुमकहर गांव में 55 वर्षीय चरवाहा नाले में बह गया। सूचना मिलने के बाद SDERF की टीम मौके पर पहुंची और उसकी तलाश शुरू की।
डिंडौरी में नदी-नाले उफने, 12 से ज्यादा गांवों का संपर्क टूटा
डिंडौरी में बुधवार सुबह से तेज बारिश जारी है। नदी-नाले उफान पर हैं और 12 से ज्यादा गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। पन्ना के बृजपुर क्षेत्र के कई गांवों में पानी भर गया। सिमरिया के बोदा गांव में भी जलभराव हुआ। घरों में रखा खाद्य सामग्री भी बारिश के पानी से भीग गई।
उमरिया में संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला डैम के तीन गेट 4 मीटर तक खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।
MP में अब तक 23 इंच बारिश, फिर भी 12% कम
मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में 1 जून से अब तक 583.4 मिमी यानी करीब 23 इंच बारिश हो चुकी है। इस अवधि में सामान्य बारिश 663.7 मिमी यानी 26.1 इंच होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में अब तक करीब 3.1 इंच यानी 12% कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 14% और पश्चिमी हिस्से में 10% कम बारिश दर्ज की गई है।
39 जिलों में सामान्य से कम बारिश
पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में सामान्य से 19% तक कम बारिश हुई है। 18 जिलों में बारिश 4% से 58% तक कम है। पश्चिमी मध्य प्रदेश के 21 जिलों में भी सामान्य से 5% से 39% तक कम बारिश दर्ज की गई है।
इसके विपरीत अनूपपुर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है।
जून में कमी, जुलाई में कोटा पूरा; अगस्त में फिर तेज हुआ मानसून
मौसम विभाग के अनुसार, जून में प्रदेश में सामान्य से 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश हुई, लेकिन इसके बाद मानसून दो बार कमजोर पड़ा और कई दिनों तक बारिश थमी रही।
अगस्त में मानसून ने फिर जोर पकड़ा और महीने के दूसरे हिस्से में स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय हुआ। इससे बारिश के आंकड़े में सुधार आया, लेकिन जून की कमी अब तक पूरी नहीं हो पाई है। पूरे मानसून सीजन में प्रदेश में औसतन 37.3 इंच बारिश होती है, जबकि भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच रहती है।
