मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले नौ वर्षों के दौरान कानून व्यवस्था, आधारभूत ढांचे, कनेक्टिविटी और औद्योगिक वातावरण के क्षेत्र में बदलाव हुए हैं। उनके अनुसार इन सुधारों के कारण राज्य में कारोबार के लिए परिस्थितियां पहले की तुलना में अधिक अनुकूल हुई हैं। उन्होंने निवेशकों के सामने प्रदेश में उपलब्ध अवसरों और सरकार की नीतिगत प्राथमिकताओं को भी रखा।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कारोबार शुरू करने या मौजूदा गतिविधियों का विस्तार करने वाली कंपनियों को सरकारी स्तर पर जरूरी सहयोग दिया जाएगा। निवेश से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर देने की बात उन्होंने कही। मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत को भरोसा दिया कि निवेशकों की व्यावहारिक जरूरतों और सामने आने वाली समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा।
राउंड टेबल बैठक के दौरान उद्योग प्रतिनिधियों की ओर से रखे गए सुझावों और अपेक्षाओं को भी मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि निवेशकों द्वारा उठाए गए विषयों पर सरकार की टीम ध्यान दे रही है। जिन क्षेत्रों में व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आएंगी, वहां समाधान के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की बड़ी युवा आबादी को निवेश के लिहाज से महत्वपूर्ण ताकत बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योगों के लिए व्यापक मानव संसाधन उपलब्ध है। सरकार युवाओं को उद्योगों की बदलती जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराने पर काम कर रही है। इससे विभिन्न क्षेत्रों में निवेश करने वाली कंपनियों को प्रशिक्षित मानव संसाधन मिलने में मदद मिलने की उम्मीद है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। बेहतर संपर्क व्यवस्था के साथ कुशल मानव संसाधन और कारोबारी माहौल तैयार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उनका कहना था कि इन क्षेत्रों में लगातार सुधार से निवेशकों के लिए उत्तर प्रदेश में कारोबार शुरू करना और उसका विस्तार करना अधिक सुविधाजनक हो सकता है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार केवल नीतियां बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर भी ध्यान दिया जा रहा है। कानून व्यवस्था में सुधार और औद्योगिक वातावरण को मजबूत करने के साथ निवेश को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
इन्वेस्टमेंट मीट को मुख्यमंत्री ने सरकार और उद्योग जगत के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उनके अनुसार ऐसे आयोजनों से निवेशकों की वास्तविक जरूरतों और अपेक्षाओं को समझने का अवसर मिलता है। साथ ही उद्योग प्रतिनिधियों को उत्तर प्रदेश में उपलब्ध कारोबारी अवसरों, आधारभूत सुविधाओं और नीतिगत सहयोग की जानकारी भी मिलती है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश में प्रमुख उद्योग समूहों की बढ़ती रुचि से आने वाले समय में नए निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने जापानी उद्योग जगत से प्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी बनने और यहां उपलब्ध निवेश अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया।
