चित्रकूट: में जिलाधिकारी के निर्देश पर सोमवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी रंजना शुक्ला ने प्राथमिक विद्यालय कोल्हुवा माफी क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय की व्यवस्थाओं और शिक्षकों की उपस्थिति की स्थिति का जायजा लिया गया। इस दौरान विद्यालय में शिक्षकों की अनुपस्थिति का मामला सामने आया, जिसके बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
निरीक्षण के समय विद्यालय में नियमित शिक्षण व्यवस्था से जुड़े कई कर्मचारियों की उपस्थिति नहीं पाई गई। हालांकि बाद में सहायक अध्यापक ओमदत्त और शिक्षामित्र शिव कुमार उपस्थित हुए। विद्यालय में कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर सामने आई स्थिति को विभाग ने गंभीरता से लिया है। बीएसए के निरीक्षण के बाद विद्यालय की व्यवस्थाओं और संबंधित अभिलेखों की भी जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय के अभिलेखों में श्याम सुन्दर के संबंध में विभिन्न अनियमितताएं पाए जाने की बात सामने आई। इन अनियमितताओं को देखते हुए अग्रिम आदेशों तक उनका वेतन रोकने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए समिति का गठन कर दिया गया है।
विभागीय स्तर पर गठित जांच समिति अब उपलब्ध अभिलेखों और संबंधित तथ्यों की विस्तृत पड़ताल करेगी। जांच के दौरान विद्यालय से जुड़े रिकॉर्ड, कर्मचारियों की जिम्मेदारियों और सामने आई अनियमितताओं की स्थिति का परीक्षण किया जाएगा। जांच समिति अपनी रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करेगी।
अधिकारियों के अनुसार जांच आख्या प्राप्त होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसका अर्थ है कि वर्तमान स्तर पर वेतन रोकने की कार्रवाई जांच पूरी होने तक की गई है और अंतिम निर्णय जांच रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर लिया जाएगा।
प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों और शिक्षामित्रों की नियमित उपस्थिति सीधे तौर पर विद्यार्थियों की पढ़ाई से जुड़ी होती है। ऐसे में निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों की अनुपस्थिति का सामने आना विभागीय निगरानी के लिए महत्वपूर्ण विषय माना जा रहा है। जिलाधिकारी के निर्देश पर किए गए इस निरीक्षण का उद्देश्य विद्यालय की वास्तविक स्थिति का मौके पर आकलन करना और सामने आने वाली कमियों पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
विद्यालय में निरीक्षण के दौरान अभिलेखों की स्थिति भी अधिकारियों की जांच के दायरे में रही। किसी कर्मचारी के संबंध में रिकॉर्ड में अनियमितता पाए जाने की स्थिति में विभागीय जांच के माध्यम से तथ्यों की पुष्टि की जाएगी। इसी प्रक्रिया के तहत श्याम सुन्दर से संबंधित मामलों की जांच के लिए समिति बनाई गई है।
विभागीय कार्रवाई का अगला चरण जांच समिति की रिपोर्ट पर निर्भर करेगा। यदि जांच में अनियमितताओं की पुष्टि होती है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है। वहीं रिपोर्ट में अलग तथ्य सामने आने पर उसी के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।
इस निरीक्षण से यह स्पष्ट है कि विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति, अभिलेखों का रखरखाव और प्रशासनिक नियमों के पालन को लेकर शिक्षा विभाग निगरानी कर रहा है। अधिकारियों ने निरीक्षण के माध्यम से विद्यालय की स्थिति का जायजा लिया और सामने आई कमियों को विभागीय प्रक्रिया के तहत जांच के लिए आगे बढ़ाया है। अब जांच समिति की रिपोर्ट के बाद ही मामले में अगली कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
