इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को शिवलिंग भेंट किया। शिवलिंग हाथ में लेते ही मुख्यमंत्री ने उसे अपने कंधे पर उठा लिया। उनका यह अंदाज फिल्म बाहुबली के चर्चित दृश्य की याद दिलाता नजर आया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस पल का वीडियो बनाया जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। इसके बाद इस दृश्य को लेकर राजनीतिक चर्चाओं का दौर भी शुरू हो गया।
इसी कार्यक्रम में इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मुख्यमंत्री को लेकर अपने संबोधन में भगवान द्वारिकाधीश का संदर्भ दिया। उन्होंने चंदन नगर में सड़क निर्माण से जुड़ी मांग रखते हुए मुख्यमंत्री से समस्या के समाधान की अपील की। संबोधन के दौरान महापौर से एक और दिलचस्प गलती हो गई। वे मंत्री तुलसी सिलावट का नाम लेना चाह रहे थे लेकिन जुबान फिसलने के कारण उन्होंने कैलाश विजयवर्गीय को जल संसाधन मंत्री बता दिया। मुख्यमंत्री के इशारे के बाद महापौर ने तुरंत अपनी गलती सुधार ली।
उधर देवास के कांटाफोड़ में कांग्रेस की तिरंगा यात्रा के दौरान एक अलग ही तस्वीर सामने आई। यात्रा में शामिल होने के लिए एक खुली जीप में कई कांग्रेस नेता सवार हो गए। बताया गया कि जीप में 10 से ज्यादा लोग मौजूद थे। पीछे अधिक वजन होने के कारण जीप का अगला हिस्सा ऊपर उठ गया और पीछे बैठे कुछ नेता नीचे जा गिरे। इस दौरान पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा कांग्रेस जिला अध्यक्ष मनीष चौधरी और पूर्व विधायक विपिन वानखेड़े समेत कई नेता जीप में मौजूद थे। हादसे में एक महिला कांग्रेस नेता के घायल होने की बात सामने आई है जिन्हें उपचार के दौरान टांके लगाए गए।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर कांग्रेस के सबका साथ जैसे राजनीतिक नारों को लेकर भी चुटकी ली गई। हालांकि रैली के दौरान वाहन पर क्षमता से अधिक लोगों के सवार होने की स्थिति सुरक्षा को लेकर सवाल जरूर खड़े करती है।
छतरपुर के बसराही गांव में मंत्री दिलीप अहिरवार का काफिला बच्चों ने रोक लिया। मंत्री चंदला विधानसभा क्षेत्र से गुजर रहे थे तभी बच्चों ने रास्ते में आकर उनसे अपने स्कूल और गांव की समस्याओं के बारे में बात की। बच्चों ने स्कूल तक खराब सड़क स्कूल की बाउंड्री वॉल और बिजली से जुड़ी परेशानियां बताईं। मंत्री ने वाहन से उतरकर बच्चों की बातें सुनीं और समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया।
यह घटना इस मायने में भी खास रही कि बच्चों ने बिना किसी झिझक के सीधे मंत्री के सामने अपनी समस्याएं रखीं। गांव की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े सवालों को लेकर बच्चों की सक्रियता ने लोगों का ध्यान खींचा है। अब देखना होगा कि बच्चों की ओर से बताई गई समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन कितनी तेजी से कदम उठाता है।
इन घटनाओं के बीच प्रशासनिक गलियारों से जुड़ी एक चर्चा भी सामने आई है। राजधानी में हाल ही में पदस्थ हुए एक आईएएस अधिकारी को सरकारी बंगला आवंटित होने और उसमें उनकी पसंद के अनुसार रेनोवेशन शुरू होने की बात कही जा रही है। इसी बीच अधिकारी की कटारा हिल्स इलाके में एक निजी बंगले में रुचि की चर्चा भी प्रशासनिक हलकों में है। हालांकि इस मामले से जुड़े दावों की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
कुल मिलाकर मध्य प्रदेश की सियासत और प्रशासन से जुड़ी इन घटनाओं ने एक ही दिन में कई रंग दिखा दिए। मुख्यमंत्री का शिवलिंग उठाने वाला अंदाज हो या महापौर की जुबान फिसलने का मामला कांग्रेस नेताओं का जीप से गिरना हो या बच्चों का मंत्री का काफिला रोककर अपनी बात कहना इन सभी घटनाओं ने लोगों का ध्यान खींचा है।
